Gurugram- गुरुग्राम में प्रॉपर्टी डील को लेकर चल रही रंजिश के चलते एक युवक के अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया है। अपराध शाखा सेक्टर-43 की टीम ने इस वारदात का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने हथियार के बल पर युवक को उसकी कार समेत अगवा करने की योजना बनाई थी। उनका मकसद युवक के पिता पर प्रॉपर्टी की डील रद्द करने या रुपये देने का दबाव बनाना था।
दरअसल, 21 सितंबर 2026 को शिकायतकर्ता गुरुग्राम के गैलेरिया मार्केट पहुंचा था। वह अपनी कार पार्क करके एक कैफे में चला गया। कुछ देर बाद जब वह वापस आया और अपनी कार में बैठने लगा, तभी एक युवक कार की आगे वाली सीट पर और दो युवक पीछे की सीट पर आकर बैठ गए।
पुलिस शिकायत के अनुसार, आगे बैठे आरोपी ने शिकायतकर्ता को पिस्तौलनुमा हथियार दिखाया और अपने साथ चलने के लिए कहा। जब युवक ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उस पर गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन हथियार से गोली नहीं चली। इसके बाद शिकायतकर्ता ने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए कार आगे बढ़ा दी।
कार के चलते ही पिछली सीट पर बैठे दोनों आरोपी नीचे उतरकर भाग गए। कुछ दूरी पर स्कूटी आने के कारण शिकायतकर्ता को अपनी कार रोकनी पड़ी। इसका फायदा उठाकर आगे बैठा आरोपी भी कार से उतरकर फरार हो गया। हालांकि, आरोपी का पिस्तौलनुमा हथियार कार में ही छूट गया।
22 सितंबर को शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-29 गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद मामले की जांच अपराध शाखा सेक्टर-43 को सौंपी गई। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी और अन्य सुराग जुटाते हुए वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान की और 1 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण, सुमेर सिंह, शिव शंकर, अमन और हेमंत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रवीण गुरुग्राम के नयागांव का रहने वाला है और फिलहाल सेक्टर-67 में रह रहा था। सुमेर सिंह लक्ष्मण विहार का रहने वाला है और वर्तमान में राजनगर में रह रहा था। शिव शंकर मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और फरीदाबाद की वैधरम कॉलोनी में रह रहा था। वहीं अमन और हेमंत मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और वर्तमान में दिल्ली के मीठापुर में रह रहे थे।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी प्रवीण ने शिकायतकर्ता के पिता के साथ प्रॉपर्टी की डील की थी। बाद में शिकायतकर्ता के पिता ने वही प्रॉपर्टी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ तय कर ली। इसी बात को लेकर प्रवीण रंजिश रखने लगा। उसने अपने साथी सुमेर को पूरी बात बताई। इसके बाद दोनों ने शिकायतकर्ता का अपहरण कर उसके पिता पर प्रॉपर्टी की डील उनके साथ करने या रुपये देने का दबाव बनाने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए प्रवीण और सुमेर नूंह से हथियार लेकर आए थे। इसके बाद सुमेर ने अपने परिचित शिव शंकर, अमन और हेमंत को भी इस योजना में शामिल कर लिया।
21 सितंबर को योजना के मुताबिक, जब शिकायतकर्ता अपनी कार में बैठने लगा तो शिव शंकर कार की आगे वाली सीट पर बैठ गया और हथियार दिखाकर उसे अपने साथ चलने के लिए कहा। अमन और हेमंत पीछे की सीट पर बैठ गए, जबकि सुमेर कार के बाहर खड़ा रहा। आरोपियों की योजना युवक को कार सहित अपने कब्जे में लेकर उसके पिता पर प्रॉपर्टी डील को लेकर दबाव बनाने की थी।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों के बीच पहले से आपसी परिचय था। सुमेर पहले फरीदाबाद में रहता था, जहां उसकी मुलाकात शिव शंकर से हुई थी। अमन और हेमंत शिव शंकर के साथ काम करते हैं। इसी आपसी संपर्क के चलते सभी आरोपी इस योजना में शामिल हुए।
फिलहाल अपराध शाखा सेक्टर-43 की टीम आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले का अनुसंधान अभी जारी है।






