Gurugram- गुरुग्राम में नागरिक शिकायतों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बड़ा एक्शन सामने आया है। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कई अहम निर्देश दिए। एक शिकायत के मामले में बिल्डर द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी का उचित संचालन नहीं किए जाने पर गुरुग्राम के दोनों क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत रिपोर्टिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत का वास्तविक समाधान किए बिना निस्तारण रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को गुरुग्राम के स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

भविष्य की जरूरतों के हिसाब से हो गुरुग्राम का विकास

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम के तेजी से बढ़ते विस्तार को देखते हुए विकास योजनाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में मौजूदा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ आने वाले वर्षों की जरूरतों का भी आकलन किया जाए।

सड़कों और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने, आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं के विस्तार, बाजारों के विकास, हरित पट्टियों और पार्कों के विस्तार के साथ खेल, मनोरंजन और नागरिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

स्वच्छता को लेकर प्रो-एक्टिव मोड में काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में कूड़ा उठान व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को समस्या सामने आने का इंतजार करने के बजाय पहले से आवश्यक कदम उठाने होंगे। अधिकारियों को स्पष्ट टाइमलाइन तय करने, रोजाना के कार्यों का एजेंडा बनाने और नियमित समीक्षा के जरिए अभियान को गति देने के निर्देश दिए गए।

बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर भी हुई समीक्षा

बैठक में बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर लीगेसी वेस्ट के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यहां लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का लक्ष्य फरवरी 2027 के अंत तक पूरा करने का रखा गया है, जबकि निर्धारित समयसीमा मार्च 2027 के अंत तक है। मुख्यमंत्री ने काम की गति बनाए रखने और निर्धारित समय से पहले लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

दिल्ली से कूड़ा लाने वाले वाहनों पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने दिल्ली से गुरुग्राम में कूड़ा लेकर आने वाले वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों को ऐसे वाहनों की पहचान कर उन्हें इंपाउंड करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाहर से कूड़ा लाकर गुरुग्राम में डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

C&D वेस्ट पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी

निर्माण एवं विध्वंस यानी C&D वेस्ट को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि C&D वेस्ट के उचित उठान और निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। इस काम से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनके कार्य की निगरानी करने के साथ इसे उनकी एसीआर से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। निगम आयुक्त ने बताया कि अगले सात दिनों में C&D वेस्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और पुख्ता किया जाएगा।

सिटी बस सेवा के रूट की होगी समीक्षा

गुरुग्राम की सिटी बस सेवा को लेकर मुख्यमंत्री ने रूट मैप की विस्तृत समीक्षा और रोड मैपिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस रूट इस तरह तय किए जाएं कि शहर के प्रमुख इलाकों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों तक भी लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके। बैठक में बताया गया कि अक्टूबर के अंत तक गुरुग्राम में 40 इलेक्ट्रिक बसें आने वाली हैं। इनके संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है और सेक्टर-48 में चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था की गई है।

गुरुग्राम में जोनवार RMC प्लांट विकसित करने की योजना

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में रेडी मिक्स कंक्रीट यानी RMC प्लांटों के लिए जोनवार निर्धारित क्षेत्र विकसित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में तेजी से बढ़ रही निर्माण गतिविधियों को देखते हुए RMC की मांग भी बढ़ेगी। इसलिए प्लांटों के लिए पहले से चिन्हित स्थान तय किए जाएं और जरूरत के अनुसार संबंधित कंपनियों को लीज पर देने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए।

RMC वाहनों की आवाजाही के लिए अलग-अलग जोन के रूट मैप तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भारी वाहनों के कारण शहर की प्रमुख सड़कों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े ।मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने RMC से जुड़ी गाड़ियों को GPS से लैस करने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि वाहन निर्धारित रूट का ही पालन करें।

सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में पहले से स्वीकृत सड़क निर्माण और जीर्णोद्धार परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। नगर निगम गुरुग्राम, GMDA, HSVP, PWD, NHAI और HSIIDC को संबंधित परियोजनाओं में जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर निर्माण कार्य और सड़क मरम्मत के काम को गति देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा समय पर मिल सके।

झूठी शिकायत निस्तारण रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई

बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नागरिकों की शिकायतों पर लिए गए फीडबैक की भी समीक्षा की गई। शिकायतकर्ताओं से फोन पर जानकारी लेकर शिकायतों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया गया। समीक्षा के दौरान सामने आई स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत का समाधान किए बिना गलत या झूठी निस्तारण रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गुरुग्राम जलापूर्ति चैनल को भूमिगत करने की तैयारी

गुरुग्राम में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा गुरुग्राम जलापूर्ति चैनल को खुले नहर मार्ग से भूमिगत पाइपलाइन में बदलने की परियोजना का जनवरी में शिलान्यास प्रस्तावित है। यह परियोजना ककरोई हेड से बसई जल शोधन संयंत्र तक लगभग 69.585 किलोमीटर लंबाई में प्रस्तावित है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,993.59 करोड़ रुपये है और इसे पूरा करने की अवधि 30 महीने निर्धारित की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य गुरुग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना है।

धनकोट में नहरी रास्ते की मांग

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने सुझाव दिया कि कैनाल को भूमिगत करने से पहले धनकोट में नहरी रास्ते का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि इससे फर्रूखनगर, झज्जर और आसपास के क्षेत्रों की ओर आने-जाने वाले लोगों को बेहतर और सुरक्षित कनेक्टिविटी मिल सकेगी। अधिकारियों को इस आवश्यकता को परियोजना की आगामी कार्यवाही में प्राथमिकता से शामिल करने के निर्देश दिए गए।

ग्लोबल सिटी समेत अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा

बैठक में ग्लोबल सिटी सहित गुरुग्राम से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं में समयबद्ध तरीके से काम करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, श्रम विभाग, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, GMDA, नगर निगम, पुलिस, HSIIDC, DHBVN, जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और HSVP समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।