Gurugram- गुरुग्राम में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्माण स्थलों पर उड़ती धूल हो, सड़कों पर जमा मिट्टी और कचरा हो या फिर खुले में कचरा जलाने की घटनाएं, अब इन सभी पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को गुरुग्राम के डीसी उत्तम सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में ग्रैप यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तहत तैयारियों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए।

प्रदूषण नियंत्रण को लेकर समीक्षा बैठक

गुरुग्राम में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। 15 अक्टूबर को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों और ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तहत विभिन्न विभागों की तैयारियों और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।

डीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करें। इसके लिए नियमित निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के निर्देश

बैठक में निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया। डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर निर्धारित धूल नियंत्रण मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। पात्र निर्माण परियोजनाओं का हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार एंटी-स्मॉग गन लगाई जाएं।

उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे को व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने, उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

सड़कों की सफाई और पानी के छिड़काव पर जोर

सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। डीसी ने संबंधित एजेंसियों को सड़कों की नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग कराने, जरूरत के अनुसार पानी का छिड़काव करने और सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा धूल से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष उपाय करने को कहा गया। सड़क किनारे हरियाली विकसित करने और सड़क रखरखाव से जुड़ी एजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए खुले में कचरा और बायोमास जलाने की घटनाओं को रोकने पर भी जोर दिया गया। डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी घटनाओं पर लगातार नजर रखी जाए और खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने ठोस कचरे का नियमित उठान सुनिश्चित करने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने और उसका उचित निस्तारण कराने को कहा। इसके साथ ही अवैध रूप से कचरा डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पुराने कचरे के निस्तारण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीसी ने लैंडफिल साइटों पर आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आग बुझाने वाले उपकरणों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा जाए, ताकि किसी भी संभावित घटना पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। लैंडफिल साइट पर कचरे के उचित प्रबंधन और आग की घटनाओं की रोकथाम को प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया।

औद्योगिक कचरे और पटाखों पर भी निगरानी

डीसी ने औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों में जमा कचरे का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उठान और उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पटाखों से संबंधित न्यायालयों के आदेशों की पालना की भी समीक्षा की गई।अधिकारियों को पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री पर निगरानी रखने तथा नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। इस संबंध में संबंधित विभागों को अपने स्तर पर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

ग्रैप के सभी चरणों के लिए तैयारियां पूरी रखने के निर्देश

बैठक में ग्रैप के विभिन्न चरणों के तहत लागू होने वाले प्रतिबंधों और उनसे संबंधित विभागीय तैयारियों पर भी चर्चा हुई। डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी तैयारियां पूरी रखें और निगरानी टीमों को सक्रिय बनाए रखें। उन्होंने प्रदूषण से संबंधित शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करने और पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट निर्धारित समय पर प्रस्तुत करने को कहा। इसके साथ ही लोगों को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए जन-जागरूकता गतिविधियां चलाने के निर्देश भी दिए गए।