Gurugram- गुरुग्राम में फुटपाथों की हालत सुधारने को लेकर जीएमडीए ने अब सख्त रुख अपनाया है। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फुटपाथों की मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और इसकी रोजाना समीक्षा की जाए।
पीसी मीणा ने मंगलवार को इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी कार्यकारी अभियंता खुद फील्ड में जाकर अपने-अपने क्षेत्रों में फुटपाथों की स्थिति का जायजा लें और जहां जरूरत है, वहां तुरंत मरम्मत करवाई जाए।
सीईओ ने साफ कहा कि फुटपाथों की वजह से पैदल यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को काम समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। हर कार्यकारी अभियंता को रोजाना यह जानकारी देनी होगी कि उसके क्षेत्र में कितने किलोमीटर फुटपाथ की मरम्मत पूरी हुई है और अगले दिन कितने किलोमीटर फुटपाथ की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है। यानी अब फुटपाथ रिपेयर के काम की रोजाना प्रगति की निगरानी होगी।
पेड़ों को बचाकर बनेगा फुटपाथ
जीएमडीए सीईओ पीसी मीणा ने यह भी स्पष्ट किया कि फुटपाथ बनाने के लिए पेड़ों की कटाई किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर फुटपाथ की डिजाइन को घुमावदार किया जाए, लेकिन पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट को बेहतर बनाने और मौजूदा हरियाली को संरक्षित करने पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
रोड गली के साथ फुटपाथ भी होगा दुरुस्त
बैठक में सीईओ ने यह भी कहा कि रोड गली का काम करने के बाद फुटपाथ को टूटा हुआ नहीं छोड़ा जाना चाहिए। जहां रोड गली बनाई जा रही है, वहां फुटपाथ को भी साथ-साथ दुरुस्त किया जाए। इसके अलावा सड़क और फुटपाथ के अनुरूप मैनहोल का लेवल भी सही रखना अनिवार्य होगा, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो और सड़क पर किसी तरह की असमानता न रहे।
डेवलपर-बिल्डर को भी लेनी होगी जीएमडीए की मंजूरी
बैठक में यह बात भी सामने आई कि कई बार डेवलपर या बिल्डर फुटपाथ बनाते समय मैनहोल को ढक देते हैं। इससे बाद में मैनहोल की लोकेशन तलाशने और रखरखाव के दौरान परेशानी होती है। इस पर पीसी मीणा ने निर्देश दिए कि भविष्य में आरओडब्ल्यू यानी राइट ऑफ वे में किसी भी डेवलपर या बिल्डर द्वारा फुटपाथ बनाए जाने से पहले जीएमडीए से मंजूरी लेना जरूरी होगा। संबंधित इंजीनियर फुटपाथ का क्रॉस-सेक्शन भी जांचेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि फुटपाथ और मैनहोल की अलाइनमेंट सही हो। इससे मैनहोल की लोकेशन स्पष्ट रहेगी और भविष्य में रखरखाव के दौरान परेशानी नहीं होगी।






