Gurugram- गुरुग्राम में 17 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। गुरुग्राम पुलिस की प्रभावी पैरवी और अदालत के समक्ष पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया गया।

मामला 18 सितंबर 2022 का है। एक महिला ने थाना सेक्टर-5, गुरुग्राम में शिकायत देकर बताया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया है। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-5 में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले में गुरुग्राम पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वारदात को अंजाम देने के आरोपी दीपांशु को गिरफ्तार किया था। आरोपी की उम्र उस समय 24 वर्ष बताई गई थी और वह भीमगढ़ खेड़ी, गुरुग्राम का रहने वाला है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने मामले की गहन और वैज्ञानिक तरीके से जांच की। जांच के दौरान घटना से जुड़े आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की।

पुलिस द्वारा मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस की ओर से अदालत के सामने पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर 30 सितंबर 2026 को माननीय अदालत ने आरोपी दीपांशु को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष की कठोर कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि नाबालिगों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।