Gurugram- मानेसर में वायु प्रदूषण को कम करने और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम और जीएमडीए ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 5 अक्टूबर को नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने नगर निगम और जीएमडीए के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर सीएक्यूएम यानी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।
नगर निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर सभी अवैध आरएमसी प्लांट पूरी तरह बंद कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि आरएमसी प्लांट से निकलने वाली धूल आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण बढ़ाती है।
इसके साथ ही सड़कों की सफाई को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि आज यानी मंगलवार से नगर निगम क्षेत्र की सभी सड़कों के किनारों की डीप क्लीनिंग कराई जाए। सड़कों के किनारे जमा धूल और मलबे को हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके। आयुक्त ने निर्माण कार्यों की भी नियमित निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
इसके अलावा निगम क्षेत्र में बाहर से आने वाले बिल्डिंग मैटेरियल से भरे ट्रकों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि सभी ट्रक तय नियमों के मुताबिक ढके हुए हों, ताकि रास्ते में धूल और निर्माण सामग्री न फैले। नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग और सेनिटेशन विंग को संयुक्त रूप से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गई है।
आयुक्त प्रदीप सिंह ने बैठक में साफ कर दिया कि अगर निगम क्षेत्र के किसी वार्ड में कूड़े में आग लगी हुई मिली तो इसकी जिम्मेदारी एएसआई की होगी। वहीं, अगर उसी स्थान पर दूसरी बार कूड़े में आग लगती मिली तो एसआई, जेई और एसडीओ को जिम्मेदार माना जाएगा।
बैठक में अधिकारियों को सीएक्यूएम के निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।






