Gurugram- गुरुग्राम में विदेशी नागरिकों के ठहरने और उनके दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर एक मामला सामने आया है। सुशांतलोक के सी-ब्लॉक में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक मकान पर छापा मारकर लाओस की रहने वाली महिला को हिरासत में लिया। जांच में सामने आया कि महिला के वीजा की अवधि करीब सात महीने पहले समाप्त हो चुकी थी और इसके बाद भी वह भारत में रह रही थी।

यह कार्रवाई 14 अक्टूबर को सी-ब्लॉक स्थित मकान नंबर 1716 पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक निजी मकान में विदेशी मूल की महिला संदिग्ध परिस्थितियों में रह रही है। सूचना के आधार पर टीम मौके पर पहुंची और मकान की तलाशी ली। कमरे में मिली महिला से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम सुराफोन लाओ बताया।

पुलिस ने महिला से पासपोर्ट और वीजा संबंधी दस्तावेज मांगे। उसने पासपोर्ट दिखाया, जिसकी जांच में पता चला कि उसके वीजा की वैधता 19 मार्च 2026 को समाप्त हो गई थी। इसके बावजूद वह भारत में रह रही थी। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह नेपाल के रास्ते भारत आई थी। अब पुलिस उसके भारत आने के तरीके और यहां रहने के दौरान उसके संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

जांच में मकान मालिक की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, महिला को मकान में ठहराने से पहले न तो सी-फॉर्म भरा गया था और न ही उसका पुलिस सत्यापन कराया गया था। छापेमारी के समय मकान मालिक वहां मौजूद नहीं था। पुलिस ने विदेशी महिला और मकान मालिक के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट के तहत सुशांतलोक थाने में मामला दर्ज किया है।

अब जांच का दायरा इस बात तक सीमित नहीं है कि महिला के पास वैध वीजा क्यों नहीं था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह गुरुग्राम कब पहुंची, यहां किसके संपर्क में रही और उसे मकान में ठहराने की व्यवस्था किसने की। साथ ही, नेपाल के रास्ते भारत आने के पीछे किसी एजेंट या अन्य नेटवर्क की भूमिका होने की आशंका को भी जांच के जरिए परखा जा रहा है।

फिलहाल पुलिस फरार मकान मालिक की तलाश में जुटी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी।