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सेक्टर-23 में अनधिकृत कचरा डंप करने पर MCG सख्त, फर्म पर ₹25 हजार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति

SM

Sahil Manchanda

Published on Sep 21, 20263 min read

सेक्टर-23 में अनधिकृत कचरा डंप करने पर MCG सख्त, फर्म पर ₹25 हजार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
सेक्टर-23 में अनधिकृत तरीके से औद्योगिक कचरा डंप करने पर MCG ने टोरस होम फर्निशिंग्स लिमिटेड को नोटिस जारी किया।
Gurugram- नगर निगम गुरुग्राम ने सेक्टर-23 में अनधिकृत स्थान पर औद्योगिक कचरा डंप किए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मैसर्स टोरस होम फर्निशिंग्स लिमिटेड को नोटिस जारी करके 25,000 रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

*निरीक्षण के दौरान मिला अनधिकृत रूप से डंप किया गया कचरा*

एमसीजी संयुक्त आयुक्त डॉ जयवीर यादव द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, सेक्टर-23 में निरीक्षण के दौरान एक ऐसे स्थान पर कचरा पाया गया, जहां कचरे का प्रबंधन एवं निस्तारण निर्धारित अथवा अधिकृत व्यवस्था के माध्यम से किया जाना आवश्यक था। निरीक्षण के दौरान डंप किए गए कचरे में मैसर्स टोरस होम फर्निशिंग्स लिमिटेड के नाम वाली स्लिप/दस्तावेज भी पाए गए। नोटिस में इन्हें संबंधित प्रतिष्ठान के साथ कचरे के प्रथम दृष्टया लिंक होने का संकेत बताया गया है।

*25 हजार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा कराने के निर्देश*

नगर निगम ने संबंधित फर्म को 25,000 रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा कराने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्धारित प्रावधानों के तहत अनधिकृत स्थान पर ठोस कचरा फेंकने पर पहली बार 25,000 रुपए तथा बाद की घटनाओं में 50,000 रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लागू हो सकती है।

*बीडब्ल्यूजी के रूप में पंजीकरण और अधिकृत एजेंसी को कचरा देने के निर्देश*

एमसीजी ने संबंधित प्रतिष्ठान को नियम अनुसार बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) के रूप में नगर निगम में पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रतिष्ठान से उत्पन्न सभी ठोस कचरे को उचित तरीके से अलग-अलग करने तथा अधिकृत/एम्पैनल्ड वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी को ही संग्रहण, परिवहन और प्रोसेसिंग के लिए सौंपने को कहा गया है।नोटिस में संबंधित फर्म को नोटिस प्राप्त होने की तारीख से 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ बीडब्ल्यूजी पंजीकरण तथा अधिकृत एजेंसी के साथ किए गए कचरा प्रबंधन संबंधी इंतजामों का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

*नियमों के अनुपालन पर एमसीजी का जोर*

एमसीजी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का अनुपालन नहीं किए जाने पर लागू नियमों एवं पर्यावरणीय निर्देशों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की वसूली तथा बाद के उल्लंघन  के लिए अतिरिक्त क्षतिपूर्ति शामिल हो सकते हैं। नोटिस में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के नियम-6 के तहत बीडब्ल्यूजी के लिए संबंधित स्थानीय निकाय के साथ केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण का उल्लेख किया गया है। साथ ही, सीपीसीबी के केंद्रीकृत  म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया जल्द पूरी करने की सलाह दी गई है।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना दंडनीय अपराध है। विशेषकर औद्योगिक इकाइयों एवं अन्य बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने यहां उत्पन्न होने वाले कचरे का निर्धारित नियमों के तहत उचित निस्तारण सुनिश्चित करना चाहिए। नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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