Gurugram- गुरुग्राम में वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने जोरदार प्रदर्शन किया। गुरुवार को कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने गुरुग्राम शहर में विशाल विरोध जुलूस निकाला। सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जुलूस में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन की अध्यक्षता पानीपत के पूर्व विधायक विरेंद्र पाल शाह ने की।
अपने संबोधन में विरेंद्र पाल शाह ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की चोरी की है और वोट चोरी करके बनाई गई सरकार को देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक वोट चोरी के जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलती, तब तक आंदोलन सड़क से संसद तक जारी रहेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं, जबकि सरकार जश्न मनाने में लगी हुई है और एक व्यक्ति का महिमामंडन किया जा रहा है।
गुरुग्राम कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि हरियाणा से लेकर देशभर में चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोटों में हेरफेर किए जाने के आरोप बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सबूतों के साथ वोट चोरी का मुद्दा उठाया है और गुरुग्राम की जनता भी इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। पंकज डावर ने महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वोट चोरी का खेल खेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन का हर कार्यकर्ता इस कथित तानाशाही के खिलाफ एकजुट है और गुरुग्राम समेत देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि जनता जाग चुकी है।
कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जनादेश से नहीं बल्कि वोट चोरी से बनी है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण इलाकों में मतदाता सूचियों से नाम काटे गए और फर्जी वोट जोड़े गए। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
वर्धन यादव ने कहा कि अगर नागरिकों का वोट देने का अधिकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो लोकतंत्र कैसे बचेगा। उन्होंने सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप भी लगाया। वहीं सीपीआई-एम के पूर्व राज्य सचिव सुरेंद्र मलिक और जिला सचिव उषा सरोहा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मजदूरों, किसानों और आम लोगों के वोट के अधिकार पर हमला कर रही है।
सीपीआई-एम नेता ईश्वर सिंह ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सत्ता पक्ष का मोहरा बन गया है। वहीं एसयूसीआई कम्युनिस्ट पार्टी की प्रतिनिधि कोमल सिंह ने भाजपा सरकार पर नैतिकता को ताक पर रखने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार में कितने भी घोटाले हो जाएं, उसे कोई शर्म नहीं आती। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने हाथों में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ जैसे संदेशों वाली तख्तियां लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
इस प्रदर्शन में युवा प्रदेश अध्यक्ष निशित कटारिया, पूर्व जिला अध्यक्ष केएल यादव, सुनीता सहरावत, सुबे सिंह यादव, सुशील भारद्वाज, नीरज यादव, सीमा पाहुजा, सीमा हुड्डा, सुनीता वर्मा, मुकेश चौधरी, निर्मल यादव, महाराज सिंह, सतबीर पहलवान, अरिदमन सिंह बिल्लू, हरकेश प्रधान, भोले गुर्जर, विकास हुड्डा, सुशील सहरावत, नरेश वशिष्ठ, सतीश सांगवान, राहुल नंबरदार, दीपक दहिया, राजीव यादव, पंकज मेहंदीरत्ता, मास्टर महेंद्र सेन, रविंद्र तिघरा, संजय नागपाल, धर्मेंद्र मिश्रा, अमन प्रजापति, मनोज आहूजा, लोकेश कौशिक समेत बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






