पुलिस उपायुक्त यातायात प्रतीक गहलोत ने ट्रैफिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर कांवड़ यात्रा के दौरान बेहतर यातायात प्रबंधन पर चर्चा की। बैठक में सभी एसीपी ट्रैफिक, ट्रैफिक इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और उनके लिए निर्धारित मार्गों पर यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ियों को तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
डीसीपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया कि सभी कांवड़ शिविर सड़क के बाईं ओर निर्धारित स्थानों पर ही लगाए जाएं। इसके अलावा कांवड़ यात्रियों के वाहन मुख्य सड़क या हाईवे पर पार्क नहीं होने चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आगामी 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाने का भी फैसला किया है। इस दौरान खेड़की दौला टोल से सिरहौल बॉर्डर तक दोनों दिशाओं में एनएच-48, द्वारका एक्सप्रेसवे, केएमपी एक्सप्रेसवे और मुंबई एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान के साथ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।






