गुरुग्राम में प्रदूषण पर निगमायुक्त का बड़ा एक्शन! लापरवाह एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट
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Sahil Manchanda
Published on Oct 30, 2026 • 3 min read
प्रदूषण पर निगमायुक्त प्रदीप दहिया सख्त। सफाई में लापरवाही करने वाली एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट, कचरा जलाने पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिये।
Gurugram- गुरुग्राम में बढ़ते प्रदूषण और सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने साफ कर दिया है कि सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों की रात के समय निगरानी अनिवार्य होगी और अधिकारियों को निरीक्षण की रिपोर्ट इंस्पेक्शन ऐप के जरिए भेजनी होगी। वहीं, टेंडर की शर्तों के अनुसार कर्मचारी और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं कराने वाली एजेंसियों के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने ये निर्देश वीरवार को अपने कार्यालय में आयोजित सफाई एवं प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सड़कों की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए और कमियां मिलने पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रात में रोड स्वीपिंग मशीनों की होगी निगरानी
निगमायुक्त ने मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों के संचालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अधिकारियों को रात के समय मशीनों की निगरानी करनी होगी और निरीक्षण के बाद रिपोर्ट इंस्पेक्शन ऐप के माध्यम से जमा करनी होगी। यदि कोई मशीन खराब है, तो उसे निर्धारित समय-सीमा में ठीक करवाना सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि सड़कों की सफाई प्रभावित न हो।
सड़कों पर धूल, कचरे और मलबे की होगी जांच
शहर की सड़कों को धूल-मिट्टी से मुक्त करने के लिए निगमायुक्त ने सभी सड़कों का निरीक्षण करवाने के निर्देश दिए हैं। टीमों को सड़कों पर जमा धूल, कचरा, निर्माण एवं विध्वंस यानी C&D वेस्ट और बागवानी कचरे की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम के साथ सड़कों से संबंधित दूसरे विभागों के बीच भी समन्वय किया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़कों पर धूल कम करना और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयासों को तेज करना है।
कर्मचारी और मशीनें नहीं मिलीं तो एजेंसी होगी ब्लैकलिस्ट
सफाई व्यवस्था में लगी एजेंसियों की जवाबदेही तय करते हुए निगमायुक्त ने कहा कि सभी एजेंसियों को टेंडर की शर्तों के मुताबिक पर्याप्त वर्कफोर्स और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। यदि कोई एजेंसी इन शर्तों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। निगमायुक्त ने अधिकारियों को सफाई कार्यों की गुणवत्ता और एजेंसियों के पास उपलब्ध संसाधनों की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए।
कचरा जलाने पर 24 घंटे नजर, तुरंत होगी कार्रवाई
शहर में कचरा और अन्य सामग्री जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। निगमायुक्त ने अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने और ऐसी किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।इसके साथ ही सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि धूल उड़ने की समस्या कम हो और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास प्रभावी बन सकें।
अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि सफाई, रोड स्वीपिंग मशीनों के संचालन, धूल नियंत्रण और कचरा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी जरूरी है। अधिकारियों को तय प्रक्रिया के अनुसार निरीक्षण और रिपोर्टिंग करनी होगी। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और रविन्द्र यादव सहित संयुक्त आयुक्त, कार्यकारी अभियंता और सहायक अभियंता मौजूद रहे। नगर निगम का जोर अब सफाई व्यवस्था की निगरानी मजबूत करने, एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और प्रदूषण नियंत्रण के निर्देशों को जमीन पर लागू कराने पर है।
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