Gurugram- गुरुग्राम में बढ़ते वायु प्रदूषण और शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि शहर की सड़कों को धूल-मिट्टी से मुक्त किया जाए। इसके लिए सड़कों की नियमित डीप क्लीनिंग करवाई जाए और धूल उड़ने से रोकने के लिए लगातार पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।
सोमवार को गुरुग्राम के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण, बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कचरे के निस्तारण, सड़क सुधार और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। इस बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
शहर में घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने कुल 875 वाहनों की तैनाती की योजना बनाई है। इन वाहनों की तैनाती 28 अक्टूबर से शुरू करने की तैयारी है। पहले चरण में 100 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस व्यवस्था के तहत 675 लाइट कमर्शियल वाहन, 184 ई-रिक्शा और 16 कॉम्पैक्टर शामिल होंगे। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और परिवहन का काम दो क्लस्टरों में बांटा गया है। क्लस्टर-1 की जिम्मेदारी मैसर्स दिल्ली एमएसडब्ल्यू सॉल्यूशंस लिमिटेड और क्लस्टर-2 की जिम्मेदारी मैसर्स बीवीजी इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है।
नई व्यवस्था पूरी तरह शुरू होने तक शहर के आठ जोन में अंतरिम व्यवस्था के तहत 591 वाहनों से कचरा उठाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा सड़कों की मैनुअल सफाई, नालों की सफाई और झाड़ियों की कटाई के लिए 1,673 कर्मचारी, 47 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और छह जेसीबी तैनात हैं। वहीं, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग के लिए 25 मशीनें उपलब्ध हैं।
बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर जमा पुराने कचरे के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 तक यहां कुल 58.50 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट प्राप्त हुआ था, जिसमें से 42.95 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। अभी 15.55 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण बाकी है।
शेष कचरे के प्रबंधन के लिए 16.80 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण हेतु 151.20 करोड़ रुपये के अनुबंध किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 8.50 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण के लिए 61.71 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया है।
बैठक में सड़क सुधार और नागरिकों की शिकायतों की स्थिति भी सामने रखी गई। 24-आवर चैलेंज के तहत प्राप्त कुल 3,815 शिकायतों में से 3,041 का निस्तारण किया जा चुका था, जबकि 774 शिकायतें लंबित थीं।
वहीं, 100 रोड्स चैलेंज के तहत काम की भौतिक प्रगति 29.3 प्रतिशत और 10 आइकॉनिक रोड्स परियोजना की प्रगति 35.8 प्रतिशत दर्ज की गई। सीएक्यूएम के तहत प्रस्तावित 396 किलोमीटर सड़क पुनर्विकास कार्य में से 223.90 किलोमीटर का काम पूरा किया जा चुका है।
नगर निगम की ओर से 1 जनवरी से 23 अक्टूबर 2026 तक प्रदूषण और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 12,914 चालान किए गए। इन चालानों की कुल राशि लगभग 2.68 करोड़ रुपये रही। वहीं, ग्रैप के पहले चरण के दौरान 21 से 23 अक्टूबर तक 139 चालान किए गए, जिनकी राशि चार लाख रुपये थी।
मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सड़कों की नियमित सफाई, पानी के छिड़काव और कचरा संग्रहण की निगरानी प्रभावी तरीके से की जाए। साथ ही प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।






