Gurugram- गुरुग्राम में स्वच्छता और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्ती तेज कर दी है। 1 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक निगम की ओर से अलग-अलग उल्लंघनों के मामलों में 827 चालान जारी किए गए हैं। इन चालानों के जरिए कुल 30 लाख 18 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

नगर निगम की कार्रवाई में सबसे ज्यादा मामले पॉलीथिन के इस्तेमाल से जुड़े सामने आए हैं। इस दौरान पॉलीथिन के 414 चालान काटे गए, जिनमें 3 लाख 9 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, डस्टबिन उपलब्ध नहीं कराने के 191 मामलों में 95 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

निर्माण एवं विध्वंस यानी सीएंडडी वेस्ट फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। इससे जुड़े 40 मामलों में 9 लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, निर्माण सामग्री को बिना ढके ले जाने वाले वाहनों के 38 चालान किए गए, जिन पर 1 लाख 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

शहर में कचरा जलाने वालों के खिलाफ भी निगम ने कार्रवाई की। कचरा जलाने के 21 मामलों में 1 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। खुले में शौच करने के 21 मामलों में 10 हजार 500 रुपये और पानी की बर्बादी के 9 मामलों में 13 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

धूल नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं करने वालों पर भी सख्ती दिखाई गई। ऐसे 13 मामलों में 3 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, सीवेज और सेप्टेज से संबंधित 5 मामलों में 1 लाख 75 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई गई।

इसके अलावा, थोक में कचरा डंप करने के 3 मामलों में 1 लाख रुपये और बल्क वेस्ट जनरेटर यानी बीडब्ल्यूजी से जुड़े एक मामले में 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पशु गोबर से संबंधित एक मामले में 5 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई गई। निगम की ओर से ड्रेनों में कचरा डालने और अवैध कनेक्शन से जुड़े 70 मामलों में भी कार्रवाई की गई, जिनमें कुल 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने नागरिकों, दुकानदारों, निर्माण एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों से स्वच्छता एवं पर्यावरण नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कचरा निर्धारित स्थानों पर डालें, निर्माण सामग्री को ढककर रखें, कचरा न जलाएं और पानी की बर्बादी से बचें।

नगर निगम का कहना है कि शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए नियमों का पालन जरूरी है। इसके लिए नागरिकों का सहयोग भी अहम है। निगम की ओर से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।