Gurugram- हरियाणा में बिजली के निजीकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने प्रदेश सरकार की निजीकरण की योजना का कड़ा विरोध करते हुए इसे जनविरोधी फैसला बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

बुधवार को जारी बयान में पंकज डावर ने कहा कि हरियाणा सरकार का बिजली के निजीकरण की दिशा में कदम उठाना प्रदेश की जनता के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही कई सरकारी प्रतिष्ठानों को बेचने की दिशा में काम कर रही है और अब हरियाणा की भाजपा सरकार भी उसी रास्ते पर चल रही है। कांग्रेस इसे आम जनता के साथ धोखा और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश मानती है।

पंकज डावर ने सवाल उठाया कि जब हरियाणा में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, तो फिर इसके निजीकरण की जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने कहा कि बिजली के ग्रिड, सब-स्टेशन, लाइनें और दूसरे बुनियादी ढांचे पर जनता का पैसा लगा है। निजीकरण होने पर इस व्यवस्था का नियंत्रण निजी कंपनियों के हाथों में जा सकता है।

उन्होंने दावा किया कि बिजली निगमों में सुधार की जरूरत है, न कि उन्हें निजी हाथों में सौंपने की। डावर ने कहा कि बिजली हर घर की बुनियादी जरूरत है। किसान, मजदूर, गरीब परिवार और छोटे दुकानदार सभी बिजली पर निर्भर हैं। उनके मुताबिक, निजीकरण के बाद बिजली की कीमतें बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि निजी कंपनियां सेवा से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने केंद्र सरकार की सरकारी प्रतिष्ठानों से जुड़ी नीतियों का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर सरकारी संपत्तियां निजी कंपनियों को सौंपने का आरोप लगाया।

पंकज डावर ने कहा कि भाजपा पहले सरकारी कंपनियों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाती थी, लेकिन अब खुद सरकारी व्यवस्थाओं को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्र सरकार के नियंत्रण में रहने चाहिए, ताकि आम जनता को सस्ती और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस गुरुग्राम और नूंह सहित हरियाणा के लोगों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है। अगर सरकार ने बिजली निजीकरण की योजना वापस नहीं ली, तो कांग्रेस गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को इसके संभावित नुकसान बताएगी और बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी।

पंकज डावर ने सरकार से मांग की कि बिजली निगमों में सुधार किया जाए, भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए और लोगों को सस्ती व निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर बिजली के निजीकरण का विरोध करेगी।