Gurugram- स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन टीचर एजुकेशन यानी सियास्टे के छात्रों ने डिग्री की मांग को लेकर सोमवार को जमकर प्रदर्शन किया। अपनी मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज करीब 500 छात्र सड़कों पर उतर आए और सोहना रोड पर जाम लगा दिया। छात्रों ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।छात्रों का आरोप है कि कोरोना काल में शुरू किए गए गुरुग्राम स्थित सियास्टे को आज तक नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन से मान्यता नहीं मिली है। 

उनका कहना है कि चार साल का कोर्स पूरा करने के बावजूद उन्हें डिग्री के नाम पर ऐसा प्रमाणपत्र दिया जा रहा है, जिसका आगे पढ़ाई या नौकरी में कोई फायदा नहीं हो रहा।छात्रों के मुताबिक, सरकार ने सबसे पहले झज्जर में सियास्टे सेंटर शुरू किया था, जिसे मान्यता मिल गई। इसके बाद गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में सेंटर खोले गए, लेकिन इन्हें अब तक मान्यता नहीं मिली है। छात्रों का कहना है कि वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री तक अपनी मांग पहुंचा चुके हैं, लेकिन हर जगह से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि सियास्टे गुरुग्राम के प्रिंसिपल से मिलने के लिए कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उनकी समस्या नहीं सुनी गई। सोमवार को जब छात्रों ने सड़क पर जाम लगाया तो प्रिंसिपल मौके पर पहुंचे और छात्रों से जाम खोलने की अपील की।

जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सोहना रोड पर ट्रैफिक प्रभावित होने के चलते पुलिस ने रूट डायवर्ट किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद छात्रों को सड़क से हटाया गया।मौके पर पहुंचे सियास्टे गुरुग्राम के प्रिंसिपल ने बताया कि मामले को लेकर आला अधिकारियों और मंत्रालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है और 13 अक्टूबर को इसकी सुनवाई होनी है। उन्हें उम्मीद है कि सुनवाई के बाद छात्रों की समस्या का समाधान हो जाएगा।वहीं, ACP अनिल कुमार ने छात्रों को समझाकर उन्हें वार्ता के लिए DC कार्यालय भेजा, जिसके बाद सड़क से जाम हटाया गया।