Gurugram- गुरुग्राम में अब सड़क, फुटपाथ या किसी भी सार्वजनिक जगह पर थूकना जेब पर भारी पड़ सकता है। इतना ही नहीं, पान-गुटखा और पान मसाला थूकने के साथ-साथ इस्तेमाल की गई च्यूइंग गम को सड़क पर फेंकने वालों के खिलाफ भी नगर निगम कार्रवाई करेगा। नगर निगम गुरुग्राम ने इस संबंध में सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए प्रत्येक उल्लंघन पर 100 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है।
नगर निगम की इस नई सख्ती का मकसद शहर में गंदगी फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा बनाए रखना है। निगम ने साफ किया है कि उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों, फुटपाथों, पार्कों, बाजारों, बस स्टॉप और सरकारी परिसरों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की अनुमति नहीं होगी।
खास तौर पर पान, गुटखा और पान मसाला खाकर सार्वजनिक जगहों पर थूकने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल सार्वजनिक स्थान गंदे होते हैं, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है। इसलिए अब ऐसे मामलों में चालान काटा जाएगा।
च्यूइंग गम फेंकने वालों पर भी नजर
नगर निगम ने सिर्फ थूकने वालों को ही नहीं, बल्कि इस्तेमाल की गई च्यूइंग गम को सड़क, फुटपाथ या सार्वजनिक परिसरों में फेंकने और चिपकाने वालों को भी कार्रवाई के दायरे में रखा है। लोगों को निर्देश दिए गए हैं कि इस्तेमाल की गई च्यूइंग गम को इधर-उधर फेंकने के बजाय कूड़ेदान में डालें। ऐसा नहीं करने पर भी 100 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
कानून के तहत कटेगा चालान
नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 309(1)(सी), 310, 381 और 393 के साथ लागू स्वच्छता संबंधी उपनियमों का हवाला दिया गया है। अधिकृत अधिकारियों और प्रवर्तन कर्मचारियों को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान जारी करने और कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में प्रत्येक उल्लंघन के लिए 100 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जहां कानून लागू होता है, वहां वैधानिक नोटिस की अवहेलना करने पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अपील
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहरवासियों से सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, पान-गुटखा फैलाने और च्यूइंग गम इधर-उधर फेंकने से बचने की अपील की है। निगम का कहना है कि गुरुग्राम को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।






