Gurugram- दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने लगा है। आने वाले दिनों में प्रदूषण की स्थिति और गंभीर न हो, इसके लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM ने अभी से सख्ती शुरू कर दी है। आयोग ने दिल्ली-NCR के सभी जिला उपायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर 5 नवंबर से 20 नवंबर तक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विशेष कदम उठाने को कहा गया है।

इस बार आयोग का फोकस सिर्फ प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और धूल पर ही नहीं, बल्कि निर्माण गतिविधियों और दफ्तरों से निकलने वाले वाहनों की संख्या कम करने पर भी है। आयोग के सदस्य सचिव तरुण कुमार की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, नवंबर के मध्य तक दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खराब और गंभीर श्रेणी तक पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में लोगों को सांस लेने में परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

इसी स्थिति से निपटने के लिए आयोग ने 5 से 20 नवंबर तक निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान आउटडोर कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी नहीं की जाएगी। खास बात यह है कि इस प्रतिबंध का दायरा केवल सामान्य बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन तक सीमित नहीं रहेगा। रेलवे, मेट्रो, अस्पताल और पानी से जुड़े प्रोजेक्ट भी इसके दायरे में शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, अंडरपास, पावर ट्रांसमिशन लाइन, पाइपलाइन और टेलीकम्युनिकेशन से जुड़े निर्माण कार्यों पर भी ये निर्देश लागू होंगे। यानी अगले 15 दिनों तक दिल्ली-NCR में कई बड़े सरकारी और निजी निर्माण प्रोजेक्ट प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं, प्रदूषण कम करने के लिए आयोग ने दफ्तरों में काम करने के तरीके में भी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली-NCR की राज्य सरकारों और निजी संस्थानों को अपने यहां 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने के लिए कहा गया है। निर्देशों के अनुसार, कार्यालयों में केवल 50 प्रतिशत स्टाफ को बुलाया जाएगा, जबकि बाकी कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देनी होगी। इसका मकसद सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या और ट्रैफिक का दबाव कम करना है, ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
ये निर्देश दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में भी लागू होंगे। हालांकि, अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यों में लगे उद्योगों को इन प्रतिबंधों से छूट दी जा सकती है। दिल्ली-NCR में प्रदूषण की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए CAQM ने नवंबर के सबसे चुनौतीपूर्ण दिनों से पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। अब जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि इन निर्देशों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू कराया जाए।






