Gurugram- गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण(जीएमडीए) ने आज गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के बेड़े में हाल ही में शामिल की गई 9 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बस का तीन दिवसीय ट्रायल शुरू किया। यह ट्रायल आज से बुधवार, 19 अगस्त 2026 तक गुरुग्राम के चार अलग-अलग रूटों पर वास्तविक यातायात एवं सड़क परिस्थितियों में बस के संचालन का आकलन करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।  
Article image
इस परीक्षण के दौरान बस की बैटरी कार्य-क्षमता एवं बैटरी हेल्थ, यात्री भार वहन क्षमता, विश्वसनीयता तथा विभिन्न यातायात एवं सड़क परिस्थितियों के अनुरूप संचालन क्षमता का विशेष रूप से मूल्यांकन किया जाएगा।जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि यह पहल गुरुग्राम में स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है।
Article image
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी वाहनों से होने वाले प्रदूषण और शोर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है तथा यात्रियों को अधिक स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध करा सकती है। इस ट्रायल के माध्यम से इलेक्ट्रिक बस के प्रदर्शन का विभिन्न यातायात एवं सड़क परिस्थितियों में आकलन किया जा रहा है। परीक्षण के निष्कर्षों से भविष्य में शहर के उपयुक्त रूटों पर ऐसी बसों के व्यापक संचालन से पहले उनकी आवश्यकताओं और व्यवहारिक उपयोगिता को समझने में मदद मिलेगी।
Article image
9 मीटर लंबी, वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस में 25 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। ट्रायल के दौरान विशेष रूप से अधिक यातायात वाले मार्गों पर बैटरी प्रदर्शन, अलग-अलग यात्री भार के दौरान बस की क्षमता तथा खराब एवं उतार-चढ़ाव वाले सड़क मार्गों पर वाहन के प्रदर्शन पर ध्यान दिया जा रहा है। 

*परीक्षण के दौरान बस को निम्नलिखित चार रूटों पर संचालित किया जा रहा है:-*

रूट नंबर 212: बसई चौक से शीतला माता मंदिर- इफ़को चौक- मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन- सुभाष चौक- हीरोहोंडा चौक- बसई चौक ।

रूट नंबर 215बी : गुरुग्राम बस स्टैंड से डूंडाहेड़ा

रूट नंबर 134बी : इफको मेट्रो स्टेशन से ढाणा मोड़।

रूट नंबर 254बी : गुरुग्राम बस स्टैंड से पटौदी ।

इन रूटों का चयन विभिन्न प्रकार की संचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इनमें शहरी यातायात, अत्यधिक भीड़भाड़ वाले मार्ग, लंबी दूरी की यात्रा तथा अलग-अलग सड़क सतह और ढलान वाले हिस्से शामिल हैं। इससे तकनीकी एवं संचालन टीमों को गुरुग्राम में दैनिक सार्वजनिक परिवहन संचालन के अनुरूप विभिन्न परिस्थितियों में बस के प्रदर्शन का व्यापक आकलन करने में मदद मिलेगी। 

यह परीक्षण जीएमसीबीएल के अधिकारियों तथा इंटेलिजेंट बस ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट (आईबीटीएम) प्रणाली के ऑपरेटर के समन्वय से किया जा रहा है। तीन दिवसीय परीक्षण के दौरान प्राप्त संचालन संबंधी आंकड़ों और फीडबैक का विश्लेषण कर बस की कार्यक्षमता, बैटरी दक्षता, यात्री क्षमता संभालने की क्षमता और समग्र विश्वसनीयता का मूल्यांकन किया जाएगा। 

ट्रायल के माध्यम से यह भी आकलन किया जाएगा कि विभिन्न यात्री भार और यातायात परिस्थितियों में इलेक्ट्रिक बस का प्रदर्शन कैसा रहता है तथा शहर के अलग-अलग प्रकार के रूटों पर यह कितनी प्रभावी और उपयुक्त है।

जीएमसीबीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विश्वजीत चौधरी ने कहा कि इस परीक्षण का उद्देश्य भविष्य में अतिरिक्त रूटों पर इसी प्रकार की इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के संबंध में निर्णय लेने से पहले व्यावहारिक संचालन संबंधी जानकारी प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि इस आकलन से इलेक्ट्रिक बसों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक रूट विशेषताओं और संचालन संबंधी जरूरतों को भी चिन्हित करने में मदद मिलेगी। 

यह ट्रायल गुरुग्राम में स्वच्छ परिवहन विकल्पों के मूल्यांकन तथा शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को अधिक टिकाऊ और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। परीक्षण के निष्कर्षों को शहर में टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन के भविष्य के विस्तार और सुधार की योजना तैयार करते समय ध्यान में रखा जाएगा।