Gurugram- गुरुग्राम में जनसमस्याओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सख्त रुख अपनाया है। कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री एक्शन मोड में नजर आए। कहीं पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए, तो कहीं अधिकारियों की सैलरी काटने और चार्जशीट करने के आदेश जारी किए गए। इतना ही नहीं, गलत प्रॉपर्टी आईडी बनाने के मामले में दो अधिकारियों को एनसीआर से बाहर ट्रांसफर करने के भी निर्देश दिए गए।

दरअसल, बुधवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 15 परिवाद सुनवाई के लिए रखे गए थे। मुख्यमंत्री ने इनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया, जबकि बाकी 4 मामलों को आगामी बैठक तक पेंडिंग रखते हुए संबंधित अधिकारियों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी।

गलत प्रॉपर्टी आईडी बनाने पर दो अधिकारियों पर कार्रवाई
बैठक के दौरान पटौदी-जटौली मंडी नगर परिषद क्षेत्र में गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाने का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर और म्युनिसिपल इंजीनियर ने सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना निर्धारित नियमों और प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए प्रॉपर्टी आईडी बनाई थीं। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और दोनों अधिकारियों की तीन महीने तक 50 प्रतिशत सैलरी काटने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों को चार्जशीट करने और हरियाणा के एनसीआर जिलों से बाहर ट्रांसफर करने के आदेश भी दिए।

नागरिक से दुर्व्यवहार करने पर पटवारी सस्पेंड
वहीं, नगर निगम गुरुग्राम के एक पटवारी द्वारा नागरिक के साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई की। शिकायत में सामने आए व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। जनता के साथ दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सड़क की मरम्मत में लापरवाही पर अधिकारी की सैलरी कटेगी
इसके अलावा सड़क के जीर्णोद्धार कार्य में लापरवाही और निर्धारित मानकों के अनुसार काम नहीं करने की शिकायत भी बैठक में पहुंची। इस पर मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग यानी PWD के संबंधित कार्यकारी अभियंता की एक महीने की सैलरी काटने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी।

सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था की होगी जांच
बैठक में गुरुग्राम और मानेसर के सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़ी शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। उन्होंने दोनों नगर निगम क्षेत्रों के सभी आठ जोन में तीन सदस्यीय कमेटियां गठित करने के निर्देश दिए। इन कमेटियों में एक सरकारी अधिकारी भी शामिल होगा। गुरुग्राम नगर निगम के छह और मानेसर नगर निगम के दो जोन में सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया जाएगा। कमेटियों को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर सफाई और रखरखाव की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।

सरकारी स्कूलों के कायाकल्प पर 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे
वहीं, सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ी जानकारी दी। एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग के जीर्णोद्धार से जुड़ी शिकायत की सुनवाई के दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत दिसंबर 2027 के अंत तक 400 से अधिक सरकारी स्कूलों को नए भवन उपलब्ध करवाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सरकार की प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लें और उनका तय समय में समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, सोहना विधायक तेजपाल तंवर और गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





