
GMDA की टीमों ने केवल रेहड़ी-ठेले और अस्थायी अतिक्रमण ही नहीं हटाए, बल्कि फुटपाथ और सड़क की जमीन पर बनाए गए अवैध रैंप को भी तोड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, इन रैंप के कारण पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का इस्तेमाल मुश्किल हो जाता है। कई जगह इससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई भी कम हो रही थी।जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा के निर्देश पर शुरू किए गए अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों के राइट ऑफ वे (ROW) को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़क, फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और सर्विस रोड की जमीन को कब्जामुक्त रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा ने कहा कि सड़क और सार्वजनिक सुविधाएं लोगों के इस्तेमाल के लिए हैं। सार्वजनिक जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ अतिक्रमण हटाना नहीं है, बल्कि सड़क की उपलब्ध ROW को उसके निर्धारित उपयोग के लिए बहाल करना भी है।
ऐसे कब्जों पर विशेष सख्ती की जाएगी, जिनसे पैदल यात्रियों की आवाजाही, सड़क सुरक्षा या यातायात प्रभावित होता है।12 टीमें और 36 अधिकारी-कर्मचारी मैदान में अतिक्रमण हटाने के लिए GMDA ने 12 एनफोर्समेंट टीमें गठित की हैं। इन टीमों में कुल 36 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य हैं।
इन टीमों में GMDA के प्रवर्तन, इंफ्रा-1 और इंफ्रा-2 डिवीजन के जूनियर इंजीनियरों के साथ मानेसर नगर निगम (MCM) के जूनियर इंजीनियर भी शामिल हैं।

GMDA अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान केवल एक-दो दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में अलग-अलग सेक्टरों की डिवाइडिंग रोड, मुख्य सड़क, सर्विस रोड, फुटपाथ और ग्रीन बेल्ट का निरीक्षण किया जाएगा।जहां भी सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दायरे में अस्थायी के साथ-साथ स्थायी अतिक्रमण भी शामिल होंगे। यानी कार्रवाई केवल रेहड़ी-ठेले और खोखे हटाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सार्वजनिक जमीन पर बने पक्के निर्माण भी जांच के दायरे में आएंगे।
GMDA अब उन जगहों पर भी निगरानी रखेगा, जहां से अतिक्रमण हटाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यदि कार्रवाई के बाद दोबारा कब्जा किया जाता है तो ऐसे मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।GMDA के इस अभियान से शहर में पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ उपलब्ध होने, सड़कों की प्रभावी चौड़ाई बढ़ने और यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक जमीन का इस्तेमाल भी निर्धारित उद्देश्य के लिए किया जा सकेगा।GMDA ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अतिक्रमण विरोधी अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा। फील्ड टीमें नियमित निरीक्षण करेंगी और जहां भी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।





