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गुरुग्राम का Flood Management Model बना मिसाल, नेपाल का प्रतिनिधिमंडल देखकर हुआ प्रभावित

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Sahil Manchanda

Published on Jul 23, 20263 min read

गुरुग्राम का Flood Management Model बना मिसाल, नेपाल का प्रतिनिधिमंडल देखकर हुआ प्रभावित
नेपाल सरकार के 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम में GMDA के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटरऔर शहरी बाढ़ प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन किया
Gurugram- नेपाल सरकार के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) का दौरा किया और वहाँ चल रहे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में एक छत के नीचे बाढ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, कंट्रोल रूम का संचालन तथा यातायात प्रबंधन प्रणाली को देखकर वे काफ़ी प्रभावित हुए । उनके इस अध्ययन दौरे का उद्देश्य शहरी बाढ़ प्रबंधन से जुड़े अनुभवों का आदान-प्रदान करना था । प्रतिनिधिमंडल को जीएमडीए द्वारा अपनाई जा रही बाढ़ प्रबंधन एवं मानसून तैयारियों की रणनीति से अवगत करवाया गया।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी. सी. मीणा ने कहा कि नेपाली प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा शहरी बाढ़ प्रबंधन और आपदा तैयारी के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच ज्ञान एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर रहा । इस दल को वर्षा जल निकासी, बाढ़ शमन, शहरी गतिशीलता और प्रौद्योगिकी आधारित क्षेत्र में जीएमडीए की विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई । उन्होंने विश्वास जताया कि इस संवाद से दोनों पक्षों के बीच सहयोग और संस्थागत सीख को और मजबूती मिलेगी।

जीएमडीए कार्यालय पहुंचने पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती सुमन भांकर ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया । उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि मानसून के दौरान शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जीएमडीए द्वारा निरंतर अवसंरचना उन्नयन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग किया जा रहा है।
इस 20 सदस्यीय नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्री जनक बहादुर धामी ने किया, जबकि इस दौरे का समन्वय यूएनडीपी इंडिया के डीआरआर विशेषज्ञ एंटनी जोह मूथेदन ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने जीएमडीए कार्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का अवलोकन किया, जहां अधिकारियों ने फ्लड कंट्रोल रूम, रियल-टाइम वर्षा निगरानी, सीसीटीवी सर्विलांस, शिकायत प्रबंधन प्रणाली, फील्ड टीमों की तैनाती तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर गुरुग्राम के वर्षा जल निकासी नेटवर्क, बाढ़ शमन उपायों तथा दीर्घकालिक अवसंरचना विकास पर तकनीकी प्रस्तुति भी दी गई।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जीएमडीए अधिकारियों के साथ संवाद भी किया तथा शहर के प्रमुख बाढ़ नियंत्रण उपायों वाले स्थलों का निरीक्षण किया। इनमें नरसिंहपुर ड्रेनेज कॉरिडोर, ताऊ देवी लाल स्टेडियम, नया लेग-4 मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन तथा शहर के प्राकृतिक जल निकासी मार्ग—सेक्टर 42-43 स्थित क्रीक-1, जेनपैक्ट चौक स्थित क्रीक-2, सेक्टर 53/54 स्थित क्रीक-3 और सेक्टर 55, 56 एवं 57 में फैला क्रीक-4 सहित अन्य स्थान शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को शहर के एकीकृत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क, पंपिंग व्यवस्था तथा वर्षा जल निकासी को बेहतर बनाने और शहरी बाढ़ की समस्या कम करने के लिए जीएमडीए द्वारा किए गए विभिन्न संरचनात्मक कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
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