Gurugram- गुरुग्राम में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। 5 नवंबर से 20 नवंबर तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक रहेगी। इतना ही नहीं, सरकारी और निजी कार्यालयों में भी 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही बुलाया जाएगा, जबकि बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। यानी अगले 16 दिनों तक शहर में निर्माण गतिविधियों और दफ्तरों के संचालन को लेकर कई अहम पाबंदियां लागू रहेंगी।

दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी सीएक्यूएम ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने सोमवार को सभी संबंधित विभागों, निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेशों के मुताबिक, 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक धूल पैदा करने वाली सभी प्रतिबंधित निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों को बंद रखना होगा। खास बात यह है कि यह रोक सिर्फ निजी भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकारी और सार्वजनिक परियोजनाओं पर भी लागू होगी।

इसके दायरे में हाईवे, सड़क निर्माण, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली की ट्रांसमिशन लाइन, पाइपलाइन और टेलीकम्युनिकेशन से जुड़े निर्माण कार्य भी शामिल हैं। संबंधित विभागों को अपने क्षेत्र में चल रहे ऐसे कार्यों की पहचान करके ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को काम बंद करने के निर्देश देने होंगे।

हालांकि, कुछ जरूरी परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के तहत छूट भी दी गई है। इनमें रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, अस्पताल, जलापूर्ति और स्वच्छता से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को भी छूट दी गई है। लेकिन इन परियोजनाओं को भी सीएक्यूएम के निर्धारित धूल नियंत्रण उपायों का पालन करना होगा।

अब बात करते हैं सरकारी और निजी कार्यालयों की। प्रदूषण नियंत्रण के लिए 5 नवंबर से 20 नवंबर तक गुरुग्राम जिले के सभी राज्य सरकार के कार्यालयों और निजी दफ्तरों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आ सकेंगे। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा।

इसके लिए सभी कार्यालयों को पहले से कर्मचारियों का रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 5 नवंबर से वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की जा सके। हालांकि, ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आवश्यक सेवाओं को छूट रहेगी, जहां काम की प्रकृति के कारण घर से काम करना संभव नहीं है। यह छूट भी सीएक्यूएम के निर्धारित नियमों के अनुसार ही मिलेगी।

वहीं, आदेशों की निगरानी के लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा। यह अधिकारी अपने विभाग में आदेशों की जानकारी पहुंचाने और उनकी पालना सुनिश्चित कराने के लिए जिम्मेदार होगा। इसके अलावा सभी विभागों को प्रतिबंधित निर्माण कार्य बंद कराने, नियमित निरीक्षण करने और वर्क फ्रॉम होम के लिए तैयार किए गए रोस्टर की जानकारी के साथ एक्शन टेकन रिपोर्ट अतिरिक्त निगमायुक्त मुख्यालय को सौंपनी होगी। यह रिपोर्ट प्रतिबंध लागू होने से पहले जमा करनी अनिवार्य है।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े इन आदेशों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ इन पाबंदियों को प्रभावी ढंग से लागू करें।