Gurugram- सदर बाजार को अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसको लेकर गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने अधिकारियों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और स्थानीय व्यापारियों के साथ अहम बैठक की।बैठक में सदर बाजार और आसपास के इलाकों की यातायात व्यवस्था, पार्किंग, रेहड़ी-पटरी और अतिक्रमण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान बाजार को व्यवस्थित करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
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सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया है कि सदर बाजार में अब रेहड़ी-पटरी नहीं लगने दी जाएगी। इसके साथ ही बाजार के अंदर ई-रिक्शा की एंट्री पर भी रोक रहेगी, ताकि बाजार में लोगों की आवाजाही और ट्रैफिक को सुचारु बनाया जा सके।यातायात व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक बाजार में लोडिंग वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। यानी इस समय के दौरान सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों को बाजार के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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वहीं, बाजार में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था तय की गई है। कमान सराय, मुख्य सदर बाजार और एक एकड़ ओपन पार्किंग में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में महावीर चौक, सदर बाजार और आसपास के क्षेत्रों से रेहड़ी-पटरी हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी रेहड़ी-पटरी वालों की आईडी की जांच सुनिश्चित करने और राइडर की ड्यूटी लगातार जारी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
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विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि सदर बाजार को व्यवस्थित करने में व्यापार मंडल की भी अहम भूमिका है। व्यापार मंडल बाजार में रेहड़ी-पटरी नहीं लगने देने के लिए प्रशासन का सहयोग करेगा।विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई दुकानदार अपनी दुकान के सामने रेहड़ी लगवाता है, तो उसके खिलाफ नगर निगम यानी MCG द्वारा नियमानुसार चालान की कार्रवाई की जाएगी।
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मुकेश शर्मा ने कहा कि सदर बाजार और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ, व्यवस्थित और एक आदर्श स्मार्ट बाजार बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। बाजार में आने वाले दुकानदारों, व्यापारियों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे, इसके लिए सभी संबंधित विभागों और व्यापारियों के साथ मिलकर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

बैठक में ACP ट्रैफिक गुरुग्राम, SHO, व्यापार मंडल के पदाधिकारी और स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे।अब देखने वाली बात होगी कि इन फैसलों को जमीन पर कितनी सख्ती से लागू किया जाता है और सदर बाजार को अतिक्रमण से कितनी राहत मिलती है।