यह जानकारी देते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने बताया कि इस परियोजना को सोमवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई है। लगभग 149 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य जीएमडीए द्वारा 30 माह की अवधि में पूरा किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से शहर की जल शोधन एवं भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे नागरिकों को पीने का पानी ज़्यादा मात्रा में मिल पाएगा ।
श्री मीणा ने बताया कि स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत 100 एमएलडी क्षमता की फिल्ट्रेशन यूनिट-4 के अलावा 300-300 मिलियन लीटर क्षमता के दो स्टोरेज टैंक बनाए जाएँगे । यही नहीं, परियोजना में नहरी पानी (रॉ वॉटर) की पाइपलाइन, आधुनिक ऑटोमेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना तथा अन्य आवश्यक सिविल एवं सहायक कार्य भी किए जाएंगे। इन कार्यों के पूरा होने से बसई जल शोधन संयंत्र की परिचालन क्षमता, दक्षता एवं विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा पेयजल के उपचार एवं प्रबंधन की गुणवत्ता और अधिक बेहतर होगी।
उन्होंने बताया कि नई फिल्ट्रेशन यूनिट के शुरू होने के बाद बसई जल शोधन संयंत्र की कुल उपचार क्षमता 370 एमएलडी हो जाएगी। इससे जीएमडीए वर्तमान एवं आगामी आवासीय क्षेत्रों की बढ़ती पेयजल मांग को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेगा। साथ ही अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित होने से पानी की अधिक मांग वाले समय तथा प्लांट के रखरखाव कार्यों के दौरान भी जलापूर्ति प्रभावित नहीं होगी। इससे शहर के अंतिम छोर पर स्थित क्षेत्रों में भी बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी और संपूर्ण जल वितरण प्रणाली बेहतर हो जाएगी ।
वर्तमान जल आपूर्ति की स्थिति का उल्लेख करते हुए श्री मीणा ने बताया कि बसई एवं चंदू बुढ़ेडा जल शोधन संयंत्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 670 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। बसई प्लांट में फिलहाल तीन फिल्ट्रेशन यूनिट संचालित हैं, जिनकी संयुक्त उपचार क्षमता 270 एमएलडी है तथा जल भंडारण क्षमता लगभग 1,385 मिलियन लीटर है। वहीं, चंदू बुढ़ेडा जल शोधन संयंत्र में 100-100 एमएलडी क्षमता की चार फिल्ट्रेशन यूनिट संचालित की जा रही हैं, जिनकी कुल उपचार क्षमता 400 एमएलडी है । चंदू बुढेड़ा प्लांट में जल भंडारण क्षमता लगभग 1,615 मिलियन लीटर है। प्रस्तावित विस्तार के बाद बसई प्लांट की जल शोधन क्षमता 370 एमएलडी तथा जल भंडारण क्षमता बढ़कर लगभग 2,000 मिलियन लीटर हो जाएगी, जिससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक बेहतर बनेगी।
श्री मीणा ने कहा कि गुरुग्राम के तीव्र शहरीकरण और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति अवसंरचना के विस्तार एवं आधुनिकीकरण पर लगातार कार्य किया जा रहा है। जल शोधन क्षमता बढ़ाने, भंडारण सुविधाओं का विस्तार करने तथा वितरण प्रणाली को और अधिक सक्षम बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से जीएमडीए पूरा कर रहा है। इन सभी प्रयासों का एक ही लक्ष्य है — गुरुग्राम के हर नागरिक तक स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल पहुंचाना, ताकि शहर का जल अवसंरचना ढांचा आने वाले वर्षों में भी उतना ही सक्षम और भरोसेमंद बना रहे।






