Gurugram- सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम गुरुग्राम यानी MCG ने सख्त रुख अपनाया है। ठोस कचरा प्रबंधन के काम में लापरवाही बरतने पर नगर निगम ने दो एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 31 लाख 45 हजार 360 रुपये का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं, दोनों एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
नगर निगम के मुताबिक, कार्रवाई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यानी SWM मॉनिटरिंग पोर्टल पर जरूरी जानकारी अपडेट नहीं करने, निर्धारित संख्या में वाहन और मैनपावर तैनात नहीं करने, वाहनों में GPS की व्यवस्था पूरी नहीं करने और कर्मचारियों की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं करने को लेकर की गई है। निगम ने साफ किया है कि सफाई व्यवस्था में लगी एजेंसियों को अपने वर्क ऑर्डर और RFP की सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है।
दरअसल, नगर निगम द्वारा सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन के काम की डिजिटल निगरानी के लिए SWM मॉनिटरिंग पोर्टल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पोर्टल पर एजेंसियों को अपने वाहनों और मैनपावर का पंजीकरण करना होता है। इसके साथ ही वाहनों को निर्धारित रूट और क्षेत्र असाइन करना, GPS के जरिए निगरानी रखना, कर्मचारियों की रोजाना उपस्थिति दर्ज करना और वाहनों के दैनिक ट्रिप की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी है।
पहली कार्रवाई जोन-6 में सैनिटेशन कार्य के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराने वाली केएस मल्टीफेसलिटी सर्विसेज लिमिटेड के खिलाफ हुई है। एजेंसी को 10 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां उपलब्ध करानी थीं और प्रत्येक वाहन के साथ एक चालक और सात हेल्पर तैनात किए जाने थे। लेकिन निर्धारित ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का SWM पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया गया। इसके चलते आरएफपी की पेनल्टी क्लॉज 9.1 (17) के तहत जून और जुलाई 2026 की अवधि के लिए 9 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
निगम के नोटिस के मुताबिक, 15 जून से 31 जुलाई 2026 तक हर दिन 10 वाहनों को पोर्टल पर पंजीकृत नहीं पाया गया। इसके लिए प्रति वाहन प्रतिदिन 2 हजार रुपये की दर से जुर्माना लगाया गया। एजेंसी को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
वहीं, दूसरी बड़ी कार्रवाई जोन-6 में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का काम करने वाली द क्लासिक मैनपावर एंड कंस्ट्रक्शन सर्विसेज के खिलाफ की गई है। कार्यादेश के तहत एजेंसी को 53 वाहन, 53 चालक/हेल्पर और तीन सुपरवाइजर तैनात करने थे। इसके अलावा सभी वाहनों और मैनपावर का SWM पोर्टल पर पंजीकरण, रूट और एरिया असाइनमेंट, GPS की व्यवस्था, GPS क्रेडेंशियल उपलब्ध कराना, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति दर्ज करना और वाहनों के दैनिक ट्रिप पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य था।
नगर निगम के अनुसार, एजेंसी द्वारा निर्धारित संख्या में वाहन और मैनपावर फील्ड में तैनात नहीं किए गए। साथ ही मैनपावर का पोर्टल पर पंजीकरण और एरिया असाइनमेंट भी नहीं किया गया। सभी वाहनों में GPS की व्यवस्था पूरी नहीं थी और कर्मचारियों की उपस्थिति भी पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई।जुलाई 2026 में निर्धारित 53 वाहनों की तुलना में अलग-अलग दिनों में कम संख्या में वाहनों का संचालन पाया गया। वाहन संचालन, भौतिक सत्यापन, SWM पोर्टल पर पंजीकरण और निर्धारित क्षेत्र में वाहनों की तैनाती की जांच के बाद 20 लाख 49 हजार 641 रुपये की पेनल्टी लगाई गई।
वहीं, मैनपावर की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं करने के लिए 1 लाख 55 हजार 719 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया। इस तरह इस एजेंसी पर कुल 22 लाख 5 हजार 360 रुपये की पेनल्टी लगाई गई।खास बात यह है कि टेंडर के मुताबिक इस एजेंसी का एक महीने का बिल करीब 21 लाख रुपये है, जबकि जुलाई महीने में ही एजेंसी पर 22 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह ने स्पष्ट किया है कि शहर की सफाई व्यवस्था में काम कर रही सभी एजेंसियों को अपने कार्यादेश और RFP की शर्तों का पूरी तरह पालन करना होगा। वाहनों की तैनाती, GPS, SWM पोर्टल, मैनपावर की उपस्थिति और रूट या एरिया असाइनमेंट समेत हर स्तर पर डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत किया जा रहा है।
वहीं, निगमायुक्त प्रदीप दहिया के मुताबिक, MCG का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सफाई के लिए उपलब्ध संसाधन वास्तव में फील्ड में तैनात हों और निर्धारित क्षेत्रों में नियमित रूप से काम करें। इसके लिए डिजिटल निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। नगर निगम का कहना है कि सफाई व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और लापरवाही पर कार्रवाई करने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।






