Gurugram- शहर को अतिक्रमण मुक्त, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने बुधवार को शहर के कई हिस्सों में बड़े स्तर पर एंटी-एन्क्रोचमेंट और डिमोलिशन अभियान चलाया। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में चलाए गए इस अभियान के दौरान सरकारी एवं निगम भूमि, सड़क के राइट ऑफ वे (ROW), ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अवैध कब्जों तथा अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

नगर निगम गुरुग्राम की टीम ने गांव कादरपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 एकड़ निगम भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। अभियान के दौरान सरकारी जमीन पर बनाए गए करीब 200 कमरों को ध्वस्त किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद अनाधिकृत कब्जों और निर्माणों को हटाकर निगम की जमीन को मुक्त कराया। निगम के मुताबिक सरकारी और निगम संपत्तियों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

MCG की टीम ने सदर बाजार समेत शहर के प्रमुख मार्गों पर भी व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। सड़क, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर नागरिकों की आवाजाही के रास्ते को बाधामुक्त कराया गया। इस दौरान रैंप, चबूतरे, टीन शेड, सीढ़ियां, रेहड़ी-पटरी, काउंटर, खोखे और अन्य अस्थायी ढांचों के खिलाफ कार्रवाई की गई। बाटा चौक से रेजांगला चौक, चिंतपूर्णी मंदिर से रेलवे स्टेशन और 4/7 चौक से ESI अस्पताल तक कार्रवाई करते हुए 48 रेहड़ी, काउंटर और खोखे हटाए गए, जबकि स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा बनाए गए 41 अस्थायी ढांचों को भी ध्वस्त किया गया। इस तरह कुल 89 अवैध एवं अस्थायी संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई हुई। इसके अलावा बस स्टैंड क्षेत्र से 5 रेहड़ियां भी जब्त की गईं।

नगर निगम की प्रवर्तन टीमों ने सेक्टर-68, गांव बसई और सेक्टर-71 में भी अवैध एवं अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। सेक्टर-71 में एक बड़े अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत नियमों के विपरीत किए गए निर्माण और सार्वजनिक भूमि पर किए गए कब्जों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं, अतिक्रमण मुक्त गुरुग्राम अभियान के तीसरे दिन GMDA ने भी बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए करीब 13 किलोमीटर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाकर सड़क के राइट ऑफ वे (ROW) को सार्वजनिक उपयोग के लिए बहाल किया। GMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा के अनुसार वाटिका चौक-घाटा, वाटिका चौक-एनएच, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड सहित विभिन्न सेक्टरों की डिवाइडिंग रोड पर कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व DTP आर.एस. बाठ ने किया।

वाटिका चौक से घाटा तक करीब 8 किलोमीटर लंबे मार्ग पर GMDA की पांच प्रवर्तन टीमों ने कार्रवाई की। इस दौरान करीब 75 अवैध ढांचे हटाए गए। इनमें 20 अवैध रेहड़ियां, 20 बंजारा दुकानें, 15 झुग्गी दुकानें और 15 नर्सरियां सहित सरकारी जमीन और सड़क क्षेत्र पर किए गए अन्य अनधिकृत कब्जे शामिल थे।

वाटिका चौक से एनएच तक करीब 5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर भी पांच प्रवर्तन टीमों द्वारा कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 35 अवैध ढांचे हटाए गए। हटाए गए अतिक्रमणों में 5 बिल्डिंग मटेरियल की दुकानें, 4 स्थायी टीन शेड में चल रहे बड़े ढाबे, 4 अस्थायी दुकानें तथा करीब 15 अवैध झुग्गियां और कबाड़ी की दुकानें शामिल रहीं। GMDA के अनुसार कार्रवाई के बाद सड़क क्षेत्र और सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया, जिससे इन महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर करने में मदद मिलेगी।
अभियान के तहत GMDA और MCG की टीमों ने कई स्थानों पर संयुक्त रूप से भी कार्रवाई की। इस दौरान करीब 30 अवैध रेहड़ियां और 2 बंजारा दुकानें हटाई गईं। सोहना रोड यानी टिकरी रोड और तुलिप चौक सहित विभिन्न स्थानों पर अवैध रेहड़ियों और अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया।
GMDA की टीमों ने सेक्टर 55/56, 56/61, 57/62, 50/65, 49/66, 72/69, 71/70, 73/75 और 74ए/75ए की डिवाइडिंग रोड पर भी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की। अभियान के दौरान विभिन्न सेक्टरों में करीब 150 एकड़ ग्रीन बेल्ट भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक ग्रीन बेल्ट से कब्जे हटाने का उद्देश्य इन जमीनों को उनके निर्धारित उपयोग के लिए सुरक्षित रखना और शहर के हरित बुनियादी ढांचे के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जों को रोकना है।
GMDA के DTP आर.एस. बाठ ने कहा कि CEO पी.सी. मीणा के निर्देशानुसार अभियान मिशन मोड में लगातार जारी है। इसका उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना, सड़क ROW बहाल करना, ग्रीन बेल्ट को सुरक्षित रखना और गुरुग्राम के सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, वहां दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए प्रवर्तन टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
MCG आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि अतिक्रमण के कारण सड़कों की चौड़ाई कम होने, यातायात बाधित होने और पैदल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए सड़कों, फुटपाथों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों को बाधामुक्त कराना निगम की प्राथमिकता है। MCG और GMDA ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। 4सरकारी और निगम भूमि पर अनधिकृत कब्जे, सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण, रेहड़ी-खोखे और ग्रीन बेल्ट पर कब्जों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य अतिक्रमण से मुक्त कराई गई सरकारी और सार्वजनिक भूमि को दोबारा जनहित में उपयोग के लिए उपलब्ध कराना और गुरुग्राम को अधिक व्यवस्थित, सुगम और अतिक्रमण मुक्त शहर बनाना है।





