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डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए MCG का मेगा अभियान, 52 मशीनों से शहर में फॉगिंग

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Sahil Manchanda

Published on Sep 4, 2026 • 5 min read

डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए MCG का मेगा अभियान, 52 मशीनों से शहर में फॉगिंग
Gurugram- मच्छरजनित बीमारियों डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर में एंटी-लार्वल एवं फॉगिंग गतिविधियों को और तेज कर दिया गया है। निगम की टीमें सभी 36 वार्डों में नियमित रूप से प्रतिदिन फॉगिंग अभियान चला रही हैं। अभियान का उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करना और नागरिकों को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखना है।

नगर निगम द्वारा फॉगिंग के साथ-साथ लार्विसिडल गतिविधियों पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। फील्ड टीमें संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान कर वहां आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं, ताकि मच्छरों के लार्वा को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
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*व्यापक कवरेज के लिए 52 फॉगिंग मशीनें तैनात*

शहर में फॉगिंग अभियान को प्रभावी और निर्बाध तरीके से संचालित करने के लिए नगर निगम के पास कुल 52 फॉगिंग मशीनें उपलब्ध हैं। इनमें 10 व्हीकल माउंटेड फॉगिंग मशीनें हैं, जो मुख्य सड़कों, चौड़ी गलियों, खुले सार्वजनिक स्थानों और बड़े रिहायशी सेक्टरों में फॉगिंग के लिए उपयोग हो रही हैं। इसके अलावा 42 हैंड-ऑपरेटेड फॉगिंग मशीनें संकरी गलियों, घनी आबादी वाली बस्तियों, कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों, पार्कों और ऐसे क्षेत्रों में जहां बड़े वाहन नहीं पहुंच सकते, वहां उपयोग की जा रही हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से शहर के बड़े एवं खुले क्षेत्रों के साथ-साथ संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों में भी फॉगिंग सुनिश्चित की जा रही है।
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*लगातार चल रहा फॉगिंग अभियान*

नगर निगम की फील्ड टीमें निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन फॉगिंग कर रही हैं। अभियान में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां मच्छरों के प्रजनन की संभावना अधिक है। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों, पानी जमा होने वाले संभावित क्षेत्रों और घनी आबादी वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मच्छरों की सक्रियता के समय को ध्यान में रखते हुए फील्ड गतिविधियों को सुबह और शाम के समय भी प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि फॉगिंग का अधिक प्रभावी तरीके से संचालन हो सके।
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*जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए मंदिरों में विशेष फॉगिंग*

जन्माष्टमी पर्व के मद्देनजर शुक्रवार को शहर के विभिन्न मंदिरों के आसपास भी विशेष फॉगिंग ड्राइव चलाई गई। श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सिद्धेश्वर मंदिर, इस्कॉन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, प्रेम मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास फॉगिंग कराई गई। निगम की टीमों द्वारा मंदिरों के आसपास के खुले स्थानों, संपर्क मार्गों एवं आसपास के क्षेत्रों को कवर किया गया, ताकि पर्व के दौरान नागरिकों एवं श्रद्धालुओं को मच्छरों से होने वाली परेशानी से बचाया जा सके।

*बस स्टैंड से सदर बाजार और गोल्फ कोर्स रोड तक फॉगिंग*

निगम की टीमें शहर के विभिन्न प्रमुख एवं संवेदनशील क्षेत्रों में भी लगातार फॉगिंग कर रही हैं। इनमें बस स्टैंड, सेक्टर-15 पार्ट-1 एवं पार्ट-2, सिविल लाइंस, सेक्टर-27, सेक्टर-28, सेक्टर-43, सेक्टर-32, झाड़सा, पटौदी रोड, रेलवे रोड, सदर बाजार, निर्वाणा कंट्री तथा गोल्फ कोर्स रोड के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय परिस्थितियों एवं मच्छरों की गतिविधियों के आधार पर अन्य क्षेत्रों में भी फॉगिंग एवं एंटी-लार्वल गतिविधियां की जा रही हैं।

*सिर्फ फॉगिंग नहीं, मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने पर जोर*

एमसीजी का फोकस केवल मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए फॉगिंग तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के लिए एंटी-लार्वल गतिविधियां भी लगातार की जा रही हैं। निगम की टीमें ऐसे स्थानों की पहचान कर रही हैं जहां पानी लंबे समय तक जमा रह सकता है। नागरिकों से भी आग्रह किया जा रहा है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों के आसपास नियमित रूप से निरीक्षण करें तथा पानी जमा होने की स्थिति में उसे तुरंत खाली करें।

*सभी 36 वार्डों में नियमित गतिविधियां सुनिश्चित की जा रही हैं — निगमायुक्त प्रदीप दहिया*

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम द्वारा डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए सभी 36 वार्डों में नियमित एंटी-लार्वल एवं फॉगिंग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि फॉगिंग के लिए 10 व्हीकल माउंटेड और 42 हैंड-ऑपरेटेड मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे बड़े क्षेत्रों के साथ-साथ संकरी गलियों एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों को भी कवर किया जा सके। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोस्टर के अनुसार फील्ड गतिविधियां नियमित रूप से जारी रहें तथा हाई रिस्क क्षेत्रों, जलभराव वाले स्थानों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए निगम स्तर पर आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

*नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी*

निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास कूलर, गमले, खुले कंटेनर, छतों, टंकियों तथा अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें। उन्होंने कहा कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए घर-घर स्तर पर सावधानी बरतना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम के फॉगिंग एवं एंटी-लार्वल अभियान में सक्रिय सहयोग करें और कहीं भी जमा पानी दिखाई देने पर उसे तुरंत हटाएं। सामुदायिक भागीदारी से ही मच्छरजनित बीमारियों के प्रसार को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
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