
अवैध कब्जे और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाते हुए नगर निगम की टीम बुधवार करीब 2 बजे गांव भांगरौला पहंुची। इस दौरान गांव भांगरौला निवासी सेवाराम, बिल्लू, ईश्वर, सौरव, गौरव, दीपक व अन्य लोगों ने निगम की टीम का विरोध किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीओ शशिकांत ने उन्हें समझाने की कौशिश की परंतु टीम के साथ गाली-गलौज और धक्का मुक्की की गई। इसके बाद टीम पर धारदार कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया।

नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी पर हमला किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करना और अधिकारियों पर हमला करना गंभीर अपराध है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। टीम लगातार निगम क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माणों पर निगरानी कर रही है, जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने निगम क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों ने सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण या कब्जा कर रखा है, वे स्वयं हटा लें। नया निर्माण शुरू करने से पहले नगर निगम से बिल्डिंग प्लान की स्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना स्वीकृत नक्शे के किए गए निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






