Gurugram- साइबर ठगों ने गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर एक व्यक्ति से करीब 1 लाख 65 हजार रुपये ठग लिए। ठगों ने व्हाट्सएप पर HCG बिल बकाया होने का मैसेज भेजा और फिर महज 12 रुपये का भुगतान करने के बहाने एक फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवाई। इसके बाद पीड़ित के बैंक खाते से 1 लाख 64 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी हुई। मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बिहार के बांका जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी साइबर ठगी करने वाले अपराधियों को फर्जी तरीके से हासिल किए गए सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे।

साइबर ठगी का यह मामला गुरुग्राम के साइबर क्राइम ईस्ट थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस को 12 अक्टूबर 2026 को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित को 9 अक्टूबर को व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से मैसेज मिला था। मैसेज में बताया गया कि उसका HCG बिल बकाया है और तय समय पर भुगतान नहीं करने पर गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा।

मैसेज में कुछ दूसरे मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने के लिए भी कहा गया था। जब पीड़ित ने उन नंबरों पर संपर्क किया, तो उसे व्हाट्सएप के जरिए “HCG BILL UPDATE.apk” नाम की फाइल भेजी गई। पीड़ित ने लिंक पर क्लिक किया तो उसके सामने रेजरपे जैसे भुगतान पोर्टल का पेज खुला। यहां उससे सिर्फ 12 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया।

पीड़ित ने भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया, लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान उसके बैंक खाते से संबंधित संदिग्ध लेनदेन हुआ और कुल 1 लाख 64 हजार 900 रुपये की ठगी हो गई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम ईस्ट थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की जांच करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, थाना साइबर क्राइम ईस्ट के प्रभारी निरीक्षक अमित शर्मा के नेतृत्व में टीम ने 16 अक्टूबर को बिहार के बांका जिले में कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निर्मल कुमार उर्फ विजय कुमार और गोपी कुमार यादव के रूप में हुई है। दोनों बिहार के बांका जिले के रहने वाले हैं।

पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को बांका की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल किया। इसके बाद 18 अक्टूबर को गुरुग्राम की अदालत में पेश करके उन्हें एक दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड आरोपियों ने उपलब्ध कराए थे। पुलिस के अनुसार, निर्मल कुमार ने कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर धोखाधड़ी से सिम कार्ड हासिल किए और उन्हें एक हजार रुपये में गोपी कुमार यादव को बेच दिया। इसके बाद गोपी ने ये सिम कार्ड आगे एक अन्य व्यक्ति को 1,500 रुपये में बेच दिए।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी इससे पहले भी साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड बेच चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड किन लोगों तक पहुंचाए गए थे और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।