Gurugram- गुरुग्राम की शीतला कॉलोनी में चाकू की नोक पर 50 हजार रुपये की लूट का पुलिस ने खुलासा किया है। सीएससी सेंटर और मनी ट्रांसफर की दुकान को निशाना बनाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वारदात में दो आरोपी सीधे दुकान के अंदर घुसे थे, जबकि तीसरा बाहर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था।
दरअसल, मामला 28 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े 8 बजे का है। शीतला कॉलोनी में एक व्यक्ति अपनी सीएससी सेंटर की दुकान पर बैठा हुआ था। वह दुकान से मनी ट्रांसफर का काम भी करता है। इसी दौरान दो युवक उसकी दुकान पर पहुंचे और फोन का चार्जर दिखाने के बहाने दुकान में आए। कुछ देर बाद दोनों युवक वहां से चले गए।
लेकिन आरोपियों की नीयत कुछ और ही थी। कुछ समय बाद दोनों युवक दोबारा दुकान पर पहुंचे और फिर से चार्जर मांगने लगे। जैसे ही दुकानदार उन्हें चार्जर देने लगा, आरोपियों ने उसे धक्का देकर पकड़ लिया और उसका मुंह दबा दिया। इसके बाद चाकू दिखाकर जान से मारने का डर पैदा किया और दुकान से 50 हजार रुपये नकद और दुकानदार का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
वारदात के बाद पीड़ित ने 29 अक्टूबर को थाना सेक्टर-5 में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सेक्टर-5 और अपराध शाखा पालम विहार की पुलिस टीमों ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने वारदात के अगले ही दिन यानी 29 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को बसई, गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के एटा निवासी 22 वर्षीय आशीष बघेल, हाथरस निवासी 21 वर्षीय अमर कुमार और 31 वर्षीय विमल कुमार के रूप में हुई है। तीनों फिलहाल गुरुग्राम में रहकर मजदूरी का काम करते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने का तरीका भी बताया। पूछताछ के मुताबिक, 28 अक्टूबर को तीनों ने देखा कि गली में केवल एक ही दुकान खुली हुई है और आसपास कोई मौजूद नहीं है। इसके बाद उन्होंने चार्जर लेने का बहाना बनाया। पहले दुकान पर जाकर वापस लौटे और फिर दोबारा वारदात को अंजाम देने पहुंचे। इस दौरान अमर कुमार और आशीष बघेल दुकान के अंदर गए और चाकू के बल पर लूटपाट की, जबकि विमल कुमार दुकान के बाहर खड़ा होकर निगरानी करता रहा।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। आशीष बघेल के खिलाफ गुरुग्राम में पहले से लूट के दो मामले दर्ज हैं, जबकि अमर कुमार के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का एक मामला पहले भी दर्ज है।
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किए गए अन्य सामान की बरामदगी की जा सके। मामले में पुलिस की जांच जारी है।






