गुरुग्राम में ₹1.25 करोड़ का गांजा पकड़ा, 673 किलो खेप के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार!
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Sahil Manchanda
Published on Oct 27, 2026 • 3 min read
गुरुग्राम के राजीव चौक पर पुलिस ने 673 किलो गांजा बरामद कर राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद गांजे की कीमत करीब ₹1.25 करोड़ है।
Gurugram- गुरुग्राम पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब सवा करोड़ रुपये कीमत का 673 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने गांजे की तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे टाटा ट्रक को कब्जे में लेकर चालक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है। आरोपी गांजे की इस खेप को ओडिशा से राजस्थान के भिवाड़ी में सप्लाई करने के लिए ले जा रहे थे। लेकिन गुरुग्राम के राजीव चौक के पास पुलिस की सतर्कता के चलते उनकी योजना नाकाम हो गई।
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के मुताबिक, यह कार्रवाई 25 और 26 अक्टूबर की मध्यरात्रि को अपराध शाखा सेक्टर-65 की टीम ने की। उपनिरीक्षक अरुण के नेतृत्व में पुलिस टीम राजीव चौक के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को अपने विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि राजस्थान नंबर के एक टाटा ट्रक में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संदिग्ध ट्रक को रुकवाकर उसकी जांच की। ट्रक में चालक और क्लीनर मौजूद थे। जब पुलिस ने ट्रक में लदे सामान की तलाशी ली, तो प्लास्टिक के दानों से भरी बोरियों के नीचे गांजा छिपाकर ले जाने का खुलासा हुआ।
पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ट्रक से गांजे की कुल 23 बोरियां बरामद कीं। इनका कुल वजन 673 किलोग्राम पाया गया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने प्लास्टिक दानों से भरे 767 बैग, 15 पोट और तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा टाटा ट्रक भी अपने कब्जे में लिया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साबिर और सनावर के रूप में हुई है। साबिर की उम्र 34 साल है और वह राजस्थान के खैरथल जिले के फूलबाग थाना क्षेत्र के गांव उदयपुर का रहने वाला है। वहीं, 19 वर्षीय सनावर राजस्थान के खैरथल जिले के किशनगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर का निवासी है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 26 अक्टूबर को थाना सदर, गुरुग्राम में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि ट्रक साबिर का है और वही इसे चला रहा था। उसने सनावर को 20 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर ट्रक क्लीनर के तौर पर रखा हुआ था। पूछताछ के मुताबिक, दोनों आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर भिवाड़ी में सप्लाई करने जा रहे थे। इस काम के बदले उन्हें अपने अन्य साथियों से दो लाख रुपये मिलने थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्लास्टिक के दानों और अन्य सामान के बीच गांजा छिपाकर तस्करी करने का काम पहले भी दो बार कर चुके थे। इस बार वे तीसरी बार गांजे की खेप सप्लाई करने जा रहे थे, लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही पकड़ लिया।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गांजे की खेप के स्रोत, इसकी डिलीवरी किसे की जानी थी और तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ओडिशा से राजस्थान तक नशीले पदार्थ की सप्लाई करने वाले इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। गुरुग्राम पुलिस ने साफ किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें नशा तस्करी या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।
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