19 जुलाई को साइबर अपराध पूर्व थाना, गुरुग्राम में एक शिकायत दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे प्रतिष्ठित निवेश कंपनियों के नाम से बनाए गए फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद फर्जी निवेश ऐप के माध्यम से अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2 करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि और मुनाफा निकालने की कोशिश की तो उससे और पैसे जमा कराने की मांग की गई। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ।
एसीपी साइबर गौरव फोगाट के मार्गदर्शन में स्पेशल साइबर क्राइम शाखा, सेक्टर-56 की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान सोनू चौधरी, निवासी गाज़ियाबाद, पुनीत चौधरी निवासी गाजियाबाद (वर्तमान निवासी ओमैक्स सिटी, बहादुरगढ़), विकास,निवासी गौतमबुद्ध नगर, अभिषेक शर्मा ,निवासी मेरठ और दुष्यंत चौधरी, निवासी बुलंदशहर (तीनों वर्तमान निवासी ओमैक्स सिटी, बहादुरगढ़) ओर सम्राट सिब्बल,निवासी उत्तम नगर, दिल्ली के रूप में हुई है।सभी आरोपियो को अलग अलग जगह से गिरफ्तार किया है ।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का करीब 6 लाख रुपये एक निजी फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर हुआ था। यह फर्म आरोपी सोनू चौधरी संचालित कर रहा था। पूछताछ में पता चला कि सोनू ने यह बैंक खाता 60 हजार रुपये लेकर पुनीत चौधरी को दिया था।पुनीत ने खुलासा किया कि वह सम्राट सिब्बल के साथ मिलकर दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट के लिए काम करता था। दोनों फर्जी बैंक खाते सिंडिकेट को उपलब्ध कराते थे और ठगी की रकम पर करीब 5 प्रतिशत कमीशन लेते थे।
आरोपी पुनीत ने बहादुरगढ़ में किराये पर फ्लैट लेकर फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन, बैंक खाते खुलवाने, फर्जी ई-मेल आईडी बनाने और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज तैयार करने का पूरा नेटवर्क खड़ा किया हुआ था। इसके लिए उसने तीन युवकों को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर रखा हुआ था।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कई बार दुबई जा चुका है और अब तक 200 से अधिक बैंक खाते दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट को उपलब्ध करा चुका है। पुलिस को उसके कब्जे से दुबई वीजा सहित पासपोर्ट भी मिला है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 90 एटीएम कार्ड, 42 चेक बुक, 35 सिम कार्ड, 4 फर्मों की स्टाम्प और दुबई वीजा सहित एक पासपोर्ट बरामद किया है।सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब दुबई स्थित साइबर सिंडिकेट, फर्जी फर्मों, बैंक खातों, ठगी की रकम के लेनदेन और अन्य राज्यों में हुई साइबर ठगी के मामलों से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।






