Gurugram- देश के जाने माने Astro-Vastu Consultant **Shiva** से जुड़े मामले में एक महिला पर कथित तौर पर दबाव बनाने और धमकियां देने के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता एस्ट्रो वास्तु कंसलटेंट शिवा का आरोप है कि मुंबई की एक महिला के साथ professional consultation से शुरू हुआ संपर्क बाद में विवाद में बदल गया, जिसमें कथित तौर पर Shiva को अपने साथ रहने और केवल उनके लिए काम करने के लिए दबाव डाला गया।

शिकायत के मुताबिक, इन कथित मांगों को स्वीकार नहीं करने पर professional काम प्रभावित करने और कानूनी मामलों में फंसाने जैसी धमकियां दी गईं। शिकायत में परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

दरअसल महाराष्ट्र की रहने वाली एक 67 वर्षीय महिला ने वास्तु एस्ट्रो कंसल्टेशन के लिए शिवा से संपर्क किया था। पिछले साल शिवा से संपर्क कर कंसल्टेशन मांगी थी। शिवा ने भी महिला को कंसल्टेशन देना शुरू कर दिया। दावा है कि कंसल्टेशन के बाद महिला काफी संतुष्ट थी और लगातार शिवा से एस्ट्रो वास्तु कंसल्टेशन लेने लगी लेकिन जब शिवा ने अपनी फीस महिला से मांगी तो महिला पहले तो आनाकानी करने लगी देखते ही देखते 8 महीने बीत गए लेकिन जब महिला ने फीस नहीं दी तो शिवा ने कंसल्टेशन देने के लिए मना कर दिया। इसी बात से नाराज होकर महिला ने शिवा को झूठे मुकदमे में फसाने का डर दिखाया और दबाव बनाया की है सब कुछ छोड़कर उनके पास चले जाएं। अन्यथा वे उन्हें झूठे मुकदमे में फंसा देगी।

मामले में महाराष्ट्र के पास जमीन का भी जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, महिला की ओर से Shiva को जमीन से जुड़ी पेशकश की गई थी। हालांकि, जमीन से संबंधित दावों और कथित बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि लगातार बढ़ते दबाव के चलते मामला professional विवाद से आगे बढ़कर सुरक्षा का विषय बन गया। इसी को लेकर गुरुग्राम में संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है। बहरहाल शिवा ने गुरुग्राम के सेक्टर 56 थाने में महिला के खिलाफ शिकायत दी है। हालांकि अभी तक गुरुग्राम पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

फिलहाल **महिला की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।** मामले में जांच या आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।