Gurugram-  खेड़की माजरा में अंडा व्यापारी के दफ्तर में हुए हमले के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस जांच में मामला किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, यह मामला आपसी कहासुनी और मारपीट का है। इस संबंध में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ निवारक कानूनी कार्रवाई की है।

18 जुलाई को राजेंद्रा पार्क थाना क्षेत्र की धनकोट पुलिस चौकी में एक अंडा कारोबारी ने शिकायत दी थी। अंडा व्यापारी ने दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि कुछ लोग उसकी दुकान पर आकर हर महीने 50 हजार रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट, तोड़फोड़, जान से मारने की धमकी और सोने की चेन छीनने का आरोप भी लगाया गया था।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, दोनों पक्षों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की। 

जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता किराए पर रहता है और उसका मकान मालिक और आरोपी पक्ष पड़ोसी हैं। 17-18 जुलाई की रात पेशाब करने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो बाद में मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। पुलिस जांच में रंगदारी या किसी गैंग की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई।

एसीपी क्राइम नवीन शर्मा की माने तो  पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने 7 आरोपियों—सुरेन्द्र, अशोक, मुकेश (निवासी नगला, झज्जर), मुकेश (निवासी खेडकी माजरा, गुरुग्राम), सागर, जोगेन्द्र और विजय—को काबू कर इनके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।