पुलिस के अनुसार, पीड़ित से उसकी लैप्स बीमा पॉलिसियों का पैसा दिलाने और लाभार्थी कोड ट्रांसफर कराने का झांसा दिया गया। इसके बाद फाइल चार्ज, मेंटेनेंस चार्ज, ट्रांजैक्शन चार्ज और फुल एंड फाइनल (F&F) शुल्क के नाम पर अलग-अलग समय में कुल 1 करोड़ 19 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में भरत जनक सिंह कपाड़िया, मोहम्मद मोशिरुल हक, सुभाष कुमार और साहिल गुसांई को गिरफ्तार किया।पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाकर बैंक खाते खुलवाए, फर्जी दस्तावेज तैयार किए, सिम कार्ड उपलब्ध कराए और ठगी की रकम को अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया। आरोपियों ने इस पूरे फर्जीवाड़े में कमीशन भी लिया।






