डीसीपी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के जोनल अधिकारियों और ट्रैफिक इंस्पेक्टरों ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड और ग्राउंड सर्वे के आधार पर शहर में 146 जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों की पहचान की थी। यह सूची GMDA, MCG, PWD, HSIIDC और NHAI को पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी। इसके बाद नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने, नालों की कनेक्टिविटी बढ़ाने और जरूरत वाले स्थानों पर पंपिंग स्टेशन स्थापित करने का कार्य किया गया।
बारिश के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील चौराहों और प्रमुख मार्गों पर 24 घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। यहां तक की गुरुग्राम ट्रेफिक पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है। यह तीन टीम पुलिस हेड क्वार्टर में रहती है और जहां पर भी जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की सूचना मिलती है वहां के लिए यह टीमें रवाना होकर व्यवस्था संभालने का काम करती है।
वही मेदांता अस्पताल से सेक्टर-15 की ओर जाने वाले अंडरपास सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर जलभराव होने पर एहतियात के तौर पर ट्रैफिक को तुरंत डायवर्ट किया गया। संबंधित विभागों की मदद से पंपों के जरिए पानी निकालने का कार्य शुरू कराया गया, जिससे यातायात जल्द सामान्य हो सका।






