लोन का लालच देकर साइबर ठगी का खेल! 3 शातिर आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल-लैपटॉप समेत सामान बरामद

गुरुग्राम में लोन के नाम पर साइबर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने 12 मोबाइल, लैपटॉप और 13 ATM कार्ड समेत सामान बरामद किया।
Gurugram- लोन दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम साउथ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 5 पासबुक, 7 चेकबुक और 13 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त गौरव फोगाट के निर्देशन में और निरीक्षक दिनेश कुमार, प्रबंधक थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम ने 9 सितंबर 2026 को पिरामिड अर्बन होम्स, सेक्टर-70A, गुरुग्राम में छापेमारी की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिबांग प्रसाद, निवासी जिला झारसुगुड़ा, ओडिशा, हाल निवासी पिरामिड अर्बन होम्स सेक्टर-70A, गुरुग्राम, नीरज कुमार साह, निवासी जिला भोजपुर, बिहार, हाल निवासी सेक्टर-70A, गुरुग्राम और प्रशांत कुमार सिंह, निवासी जिला नालंदा, बिहार, हाल निवासी सेक्टर-70A, गुरुग्राम के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोन के फर्जी विज्ञापन चलाते थे। इन विज्ञापनों के जरिए ज्यादा रकम का लोन दिलाने का झांसा देकर जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। जब कोई व्यक्ति लोन लेने के लिए आरोपियों से संपर्क करता था, तो आरोपी उससे जरूरी दस्तावेज हासिल कर लेते थे।इसके बाद आरोपी राम फिनकॉर्प फाइनेंस ऐप के माध्यम से करीब 20 से 30 हजार रुपये का लोन करवाते थे। जब ग्राहक ज्यादा रकम का लोन लेने के लिए कहता था, तो आरोपी उसे बड़ी राशि का लोन दिलाने का भरोसा देते थे।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपी पहले करवाए गए कम रकम के लोन को QR कोड के जरिए ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटों में ट्रांसफर करवा लेते थे। इसके बाद इन वेबसाइटों पर बनाई गई अपनी आईडी के माध्यम से रकम को अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
ठगी का तरीका यहीं खत्म नहीं होता था। जब पीड़ित आरोपी को बार-बार फोन करता था, तो उसे यह कहकर गुमराह किया जाता था कि जो कम रकम का लोन करवाया गया है, उसकी पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। लेकिन बाद में जब लोन देने वाली कंपनी की तरफ से पीड़ित के पास भुगतान के लिए कॉल आती थी, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चलता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 5 पासबुक, 7 चेकबुक और 13 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की है। मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है और जांच अभी जारी है।
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