गुरुग्राम में आवारा पशुओं पर MCG का बड़ा एक्शन, 2 क्लस्टरों में शुरू हुआ कैप्चरिंग अभियान

MCG ने खुले में घूमने वाले पशुओं के खिलाफ अभियान तेज किया। 2 क्लस्टरों में कैप्चरिंग शुरू, जोन 1 से 8 तक पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानो पर भेजा जाएगा
Gurugram- खुले में घूमने वाले पशुओं को लेकर नगर निगम गुरुग्राम यानी MCG ने अपना अभियान तेज कर दिया है। शहर की सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के कारण होने वाले हादसों और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने अब पशुओं की कैप्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन का काम एजेंसी को सौंप दिया है।
नगर निगम ने शहर के विभिन्न जोन को दो क्लस्टरों में बांटकर एसआर एंटरप्राइजेज एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी है। एजेंसी को जोन-1 से लेकर जोन-8 तक खुले में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने और उन्हें निर्धारित सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया है।
नगर निगम के मुताबिक, अभियान के तहत दो वर्ष तक की उम्र वाले बछड़ों और दो वर्ष से अधिक उम्र की गाय एवं बैलों को पकड़ा जाएगा। एजेंसी को निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार काम करने, आवश्यक वाहनों की व्यवस्था करने और पशुओं की कैप्चरिंग व ट्रांसपोर्टेशन का पूरा रिकॉर्ड लॉग बुक में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम ने डेयरी संचालकों और पशुपालकों को भी सख्त हिदायत दी है कि वे अपने पशुओं को अपने परिसर में ही सुरक्षित तरीके से बांधकर रखें। पशुओं को सड़क, गली या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर खुला छोड़ने से बचें।
दरअसल, सड़कों पर खुले घूमने वाले पशुओं के कारण वाहन चालकों के लिए लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर रात के समय और व्यस्त सड़कों पर अचानक सामने आने वाले पशुओं की वजह से गंभीर हादसे हो सकते हैं।
नगर निगम ने साफ किया है कि अगर अभियान के दौरान कोई पशु किसी डेयरी संचालक या पशुपालक का पाया जाता है और वह खुले में घूम रहा है, तो उसे भी पकड़ा जाएगा और गौशाला में भेज दिया जाएगा।
वहीं, पशु पकड़ने वाली टीमों के सामने एक और बड़ी समस्या भी सामने आ रही है। नगर निगम के मुताबिक, कई बार बाइकर ग्रुप या कुछ युवक कार्रवाई के दौरान टीम के आसपास पहुंच जाते हैं और पशुओं को भगाने या टीम के काम में हस्तक्षेप करने की कोशिश करते हैं।
नगर निगम ने ऐसे लोगों को चेतावनी दी है कि वे पशु पकड़ने वाली टीम के सरकारी काम में किसी तरह की बाधा न डालें और कार्रवाई के दौरान पशुओं को न भगाएं।
निगम का कहना है कि पशु को भगाने के दौरान वह अचानक सड़क पर दौड़ सकता है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। इससे न सिर्फ पशु की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि वाहन चालक और आम लोगों के साथ भी गंभीर हादसा हो सकता है।
नगर निगम ने गुरुग्राम के नागरिकों, डेयरी संचालकों और पशुपालकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। निगम का कहना है कि पशुओं को खुले में छोड़ने के बजाय उन्हें अपने परिसर में सुरक्षित रखने से सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खुले में घूमने वाले पशुओं की कैप्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन का अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा। इसका उद्देश्य शहर की सड़कों पर खुले घूमने वाले पशुओं की संख्या को नियंत्रित करना और आम लोगों के लिए सड़क यातायात को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
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