दरअसल, 15 जुलाई को राजेंद्र पार्क थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह सेक्टर-104 स्थित सेंट्रल पार्क और सेक्टर-106 स्थित एलान ग्रुप की साइट पर मिट्टी और पानी की सप्लाई का काम करता है। शिकायत के मुताबिक, दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच करीब 20 वाहनों में सवार 50 से 60 लोग दोनों साइटों पर पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों व सुरक्षा गार्डों को धमकाया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने काम करने के बदले रुपये की मांग की, जान से मारने की धमकी दी और काम बंद कराने का दबाव बनाया। साथ ही शिकायतकर्ता के सुपरवाइजर को रास्ते में रोककर भी धमकाने की बात कही गई थी।
शिकायत मिलते ही राजेंद्र पार्क थाना पुलिस और अपराध शाखा सेक्टर-10 की टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की गई तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।पुलिस जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए कई गंभीर आरोप, जिनमें काम करने के बदले रुपये मांगना, जान से मारने की धमकी देना, काम बंद कराना और दूसरी साइट पर जाकर धमकी देने जैसे आरोप शामिल थे, सत्य नहीं पाए गए।
हालांकि, कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत पहले 8 लोगों के खिलाफ निवारक कानूनी कार्रवाई की थी और उस दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई 5 स्कॉर्पियो गाड़ियां भी बरामद की गई थीं।
अब इस मामले में फॉलो-अप कार्रवाई करते हुए 18 जुलाई को राजेंद्र पार्क थाना और अपराध शाखा सेक्टर-10 की संयुक्त टीम ने गुरुग्राम से 6 अन्य व्यक्तियों को काबू किया। इनके खिलाफ भी धारा 126/170 BNSS के तहत निवारक कानूनी कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने इन लोगों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई 3 कारें भी बरामद की हैं।
इस मामले में अब तक कुल 14 व्यक्तियों के खिलाफ धारा 126/170 BNSS के तहत नियमानुसार निवारक कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने और भय का माहौल बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






