Gurugram- गुरुग्राम में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस आयुक्त शिवास कबिराज ने देर रात तक क्राइम मीटिंग कर जिले के पुलिस अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में DCP, ACP, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और अपराध शाखा के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निस्तारण, रात्रिकालीन पुलिसिंग, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशा तस्करी, साइबर अपराध, यातायात व्यवस्था और आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई।

*जनता के फीडबैक से होगा SHO का मासिक मूल्यांकन*
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि SHO के कामकाज का मूल्यांकन केवल अपराध के आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि जनता के फीडबैक, अपराध नियंत्रण, Response Time, जांच की गुणवत्ता और जनसंतुष्टि के आधार पर किया जाएगा।थानों में फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और शिकायतों तथा FIR पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ितों को अनावश्यक रूप से थाने के चक्कर लगवाने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन्हें पब्लिक डीलिंग के कार्यों से हटाया जाएगा और जरूरत के अनुसार विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।भ्रष्टाचार, लापरवाही या जनता के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के साथ SHO की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

*हर रात DCP स्तर के अधिकारी करेंगे विशेष पेट्रोलिंग की निगरानी*
रात्रिकालीन पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए हर रात DCP रैंक के अधिकारी विशेष पेट्रोलिंग की निगरानी करेंगे। वहीं पुलिस कंट्रोल रूम में 24 घंटे ACP रैंक के अधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।PCR और ERV के Response Time की नियमित समीक्षा होगी। अपराध हॉटस्पॉट, बाजार, औद्योगिक क्षेत्र, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाई जाएगी।

*नशा तस्करों की संपत्ति की होगी जांच*
अपराध नियंत्रण के तहत नशा तस्करों, आदतन अपराधियों और निगरानी योग्य अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नशा तस्करों की संपत्तियों की जांच कर कानून के अनुसार अवैध संपत्ति पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।इसके साथ ही लंबित और अनसुलझे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।

*महिला और बाल सुरक्षा पर विशेष जोर*
महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग बढ़ाने को कहा गया है। गुमशुदा बच्चों और महिलाओं के मामलों में तत्काल, संवेदनशील और तकनीकी संसाधनों पर आधारित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई।
*साइबर अपराध और CCTV की भी होगी निगरानी*
साइबर ठगी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बैंकों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर ठगी की रकम को सुरक्षित कराने के हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए।बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख संस्थानों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में CCTV कवरेज की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
*ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन को लेकर भी निर्देश*
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती और दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस और ट्रैफिक के अल्कोहल नाकों पर Body-Worn Camera का अनिवार्य उपयोग करने को कहा गया है।बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक थाना क्षेत्र में बारिश, जलभराव, आगजनी और अन्य आपदाओं के लिए Emergency Response Plan तैयार रखने को कहा गया।
*हर महीने चुना जाएगा ‘Best SHO of the Month’*
अच्छी पुलिसिंग करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर महीने *“Best SHO of the Month”* चुना जाएगा। इसके लिए जनता के फीडबैक और पुलिसिंग प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है और जनता का फीडबैक पुलिसिंग की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण पैमाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अच्छी पुलिसिंग करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन और पहचान दी जाएगी, जबकि लापरवाही, दुर्व्यवहार और जवाबदेही से बचने के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुरुग्राम पुलिस ने “सेवा, सुरक्षा और सम्मान” को पुलिसिंग का मूल मंत्र बताते हुए अपराध की रोकथाम, त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स और जनता के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया है।





