
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और फिर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले कई दिनों से उनकी सेहत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही थी।

मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की। दोनों नेताओं के साथ हुई चर्चा के बाद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन पुराना अनशन समाप्त कर दिया। इससे पहले उन्होंने सरकार से प्रदर्शन में शामिल युवाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन मांगा था।

इससे पहले विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मेदांता अस्पताल पहुंचा था और सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अनशन समाप्त करने की अपील की थी। केंद्र सरकार की ओर से लगातार संवाद की कोशिशें भी जारी थीं, जिसके बाद आखिरकार गतिरोध खत्म हुआ और वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।

फिलहाल सोनम वांगचुक की सेहत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। वहीं, अनशन खत्म होने के बाद अब सभी की नजरें सरकार की ओर से आगे उठाए जाने वाले कदमों और बातचीत के अगले दौर पर टिकी हैं।





