Gurugram- हर मानसून में जलभराव से जूझने वाले गुरुग्राम के बजघेड़ा अंडरपास को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बार-बार पानी भरने की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जीएमडीए, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी ने संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए तीनों एजेंसियों को एक साथ बैठाकर समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
हाल ही में हुई बारिश के दौरान बजघेड़ा अंडरपास एक बार फिर जलभराव की चपेट में आ गया था, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके बाद जीएमडीए के सीईओ पी.सी. मीणा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या के स्थायी समाधान के लिए संयुक्त रणनीति बनाने के निर्देश दिए।
संयुक्त निरीक्षण के बाद तय किया गया है कि एनएचएआई अंडरपास की एप्रोच रोड पर टेबल टॉप बनाएगा, ताकि तेज बारिश का पानी सीधे अंडरपास तक न पहुंच सके। इसके साथ ही मौजूदा पंपिंग सिस्टम और सम्प वेल की तकनीकी जांच कर उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे पानी की निकासी पहले से अधिक तेज हो सके।
वहीं, पीडब्ल्यूडी अंडरपास की ओर आने वाले वर्षा जल को रोकने के लिए नए सरफेस ड्रेन तैयार करेगा। इन ड्रेनों को जीएमडीए के लेग-1 मास्टर ड्रेन से जोड़ा जाएगा, जिससे बारिश का पानी सीधे मुख्य ड्रेनेज नेटवर्क में चला जाएगा और अंडरपास में जलभराव की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना की सबसे बड़ी खासियत तीनों एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय है। पहली बार जीएमडीए, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी मिलकर इस परियोजना की निगरानी करेंगे और तय समय में कार्य पूरा करने का प्रयास करेंगे। उम्मीद है कि इस संयुक्त पहल से बजघेड़ा अंडरपास पर हर मानसून में होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा और हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी.






