
रविवार शाम कुछ युवक रोज की तरह बास्केटबॉल खेल रहे थे। खेल के दौरान अचानक लोहे का भारी बास्केटबॉल पोल अपनी जगह से उखड़कर सीधे एक युवक पर गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वहीं मौजूद दो अन्य खिलाड़ी किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहे।हादसे के तुरंत बाद बास्केटबॉल कोर्ट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग दौड़कर घायल युवक की मदद के लिए पहुंचे। घायल युवक की पहचान कार्तिक के रूप में हुई है। उसे गंभीर हालत में पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। परिजनों के मुताबिक हादसे में कार्तिक की कमर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।

घायल कार्तिक के पिता धर्मेंद्र दलाल ने बताया कि उनका बेटा बी-फार्मा की पढ़ाई पूरी कर चुका है। रविवार शाम वह अपने दोस्तों के साथ बास्केटबॉल खेल रहा था, तभी अचानक पोल गिर गया। परिवार का कहना है कि अगर आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद नहीं करते और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाते, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का नतीजा है। उनका कहना है कि बास्केटबॉल पोल पर काफी समय से जंग लगी हुई थी और उसकी हालत खराब थी। कई बार बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी को इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन किसी ने समय रहते मरम्मत या बदलाव की जरूरत नहीं समझी।

निवासियों का आरोप है कि मेंटेनेंस एजेंसी हर महीने मोटी मेंटेनेंस फीस तो वसूलती है, लेकिन सुरक्षा से जुड़े जरूरी कामों पर ध्यान नहीं देती। उनका कहना है कि किसी भी मरम्मत के लिए पहले बिल्डर की मंजूरी का इंतजार किया जाता है, जिसके चलते छोटे-छोटे काम भी महीनों तक अधूरे पड़े रहते हैं। उनका आरोप है कि अगर समय रहते पोल की जांच और मरम्मत कर दी जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

हादसे के बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि आज एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, लेकिन भविष्य में ऐसी लापरवाही किसी की जान भी ले सकती है। लोग मांग कर रहे हैं कि सोसाइटी में लगे सभी खेल उपकरणों, झूलों, जिम उपकरणों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का तुरंत सुरक्षा ऑडिट कराया जाए ताकि दोबारा ऐसा हादसा न हो।

घायल युवक के परिजनों ने इस मामले की शिकायत पुलिस को सौंपते हुए बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी खराबी, रखरखाव में लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुआ और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।






