पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने आधार कार्ड में पता बदलवाकर विभिन्न बैंकों में 10 से अधिक बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज साइबर ठगों को प्रति बैंक खाता 5,000 रुपये कमीशन लेकर उपलब्ध कराए जाते थे।पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विनय पहले इस नेटवर्क से जुड़ा था और बाद में उसने अजीत कुमार शाह व प्रदुम को भी इस काम में शामिल कर लिया। जांच में बरामद बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के खिलाफ साइबर क्राइम पोर्टल पर तीन शिकायतें दर्ज मिली हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 5 पासबुक, 16 चेकबुक और 18 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। बरामद डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य साइबर ठगी मामलों, गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों के जरिए हुए लेन-देन और पूरे साइबर नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ कर रही है। मामले की जांच जारी है।






