वही जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक पर विदेशी महिला बनकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। दोस्ती होने के बाद व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू करते और भारत आने का झांसा देते थे। इसके बाद खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताने वाला एक व्यक्ति पीड़ित को फोन कर महिला के कस्टम में फंसने या पैसे खत्म होने की बात कहकर अलग-अलग बहानों से रुपये ट्रांसफर करा लेता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 29 अप्रैल को एक व्यक्ति ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि Kathlin नाम की महिला से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। बाद में एयरपोर्ट और कस्टम चार्ज के नाम पर उससे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 63,500 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर प्रमोद की टीम ने तकनीकी जांच करते हुए दिल्ली के नेब सराय से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी करीब तीन महीने पहले भारत आए थे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी Kelvin Ogbu के खिलाफ वर्ष 2024 में फॉरेनर एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसे डिपोर्ट क्यों नहीं किया गया और इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।






