मामला 17 सितंबर 2026 की रात करीब 1 बजे का है। पुलिस के अनुसार, गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर टोल टैक्स घामडोज के पास पुलिस का नाका लगा हुआ था। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल पर तीन व्यक्ति नाके पर पहुंचे। पुलिस नाका पार्टी ने मोटरसाइकिल को रुकवाकर चालक से ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के वैध दस्तावेज दिखाने के लिए कहा।
इसी दौरान एक अन्य युवक अपनी मोटरसाइकिल कुछ दूरी पर खड़ी करके मौके पर पहुंचा और पुलिस कर्मचारियों से बहस करने लगा। पुलिस के अनुसार, युवक ने पुलिस कर्मचारियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया और उनके साथ बहस करते हुए पुलिस की ड्यूटी में बाधा डालने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपी ने पुलिस कर्मचारियों के साथ हुई बहस का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। पुलिस का आरोप है कि वीडियो के जरिए पुलिस कर्मचारियों के संबंध में भ्रामक आरोप लगाए गए।
इस संबंध में 24 सितंबर 2026 को एक महिला पुलिस कर्मचारी की शिकायत मिलने के बाद थाना भौंडसी, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले युवक की पहचान अमन निवासी कन्नौज, उत्तर प्रदेश, हाल किराएदार बेगमपुर खटोला, गुरुग्राम के रूप में हुई।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अमन को 26 सितंबर 2026 को गुरुग्राम से काबू किया और उसे मामले की जांच में शामिल किया।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पुलिस कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर इसलिए पोस्ट किया था, ताकि उसके फॉलोअर्स बढ़ें, वीडियो पर ज्यादा से ज्यादा व्यूज आएं और सोशल मीडिया के जरिए पैसे कमाए जा सकें।
पुलिस के मुताबिक, जब आरोपी को अपने खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी मिली तो उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से विवादित वीडियो डिलीट कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। साथ ही पुलिस उन अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी पहचान कर रही है, जिन पर यह वीडियो बिना सत्यापन के पोस्ट या शेयर किया गया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अकाउंट्स की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






