Gurugram- गुरुग्राम में ऑनलाइन कार बेचने के नाम पर 12.59 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने दो कारों की बिक्री के नाम पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पीड़ित से लाखों रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इस पूरे फर्जीवाड़े में ठगों को गाड़ियों की फर्जी एनओसी उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, 5 फरवरी 2026 को एक व्यक्ति ने साइबर अपराध पश्चिम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 3 जनवरी और 21 जनवरी 2026 को अज्ञात व्यक्तियों ने दो कारों को बेचने का झांसा दिया। आरोपियों ने गाड़ियों से संबंधित फर्जी और कूटरचित दस्तावेज दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 12 लाख 59 हजार 759 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला, जिसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर साइबर अपराध पश्चिम थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच के दौरान एएसआई राकेश की टीम ने कार्रवाई करते हुए 1 नवंबर 2026 को दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान सुनील कुमार शर्मा के रूप में हुई है, जो दिल्ली के भजनपुरा स्थित सुभाष मोहल्ले का रहने वाला है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनील कुमार शर्मा ने दोनों गाड़ियों की फर्जी एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र तैयार करवाए थे। इसके बाद उसने ये फर्जी एनओसी अपने साथी आरोपियों को कमीशन के बदले उपलब्ध करवाई थीं। इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कार बेचने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और पूरे ठगी नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में आगामी कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस जांच कर रही है कि इस गिरोह ने इस तरीके से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।





