गुरुग्राम में अवैध निर्माण पर डीटीपी का बड़ा एक्शन, सुशांत लोक-साउथ सिटी में 27 भवनों पर कार्रवाई

Gurugram- गुरुग्राम में अवैध निर्माण और रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का बड़ा एक्शन जारी है।सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में लगातार दूसरे दिन भी डीटीपी विभाग की कार्रवाई देखने को मिली। बुधवार को दोनों कॉलोनियों में कुल 13 भवनों के खिलाफ सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।

इससे पहले मंगलवार को भी करीब 14 भवनों पर कार्रवाई की गई थी। यानी दो दिनों में करीब 27 भवनों पर विभाग का शिकंजा कस चुका है।कार्रवाई का नेतृत्व सुशांत लोक-1 में डीटीपीई अमित मधोलिया ने किया, जबकि साउथ सिटी-1 में सहायक नगर योजनाकार दिव्या दहिया के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।

*सुशांत लोक-1 के ए ब्लॉक में सात भवनों पर कार्रवाई*
सबसे पहले बात करते हैं सुशांत लोक-1 के ए ब्लॉक की, जहां कुल सात भवनों पर सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।मकान नंबर 563बी में स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए 8 कमरे, 5 शौचालय और एक ड्राइंग रूम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।इसके बाद मकान नंबर 569 पर कार्रवाई हुई। इस भवन की बेसमेंट में संचालित किए जा रहे बैंक्वेट हॉल को सील कर दिया गया। स्टिल्ट में बने कार्यालय और ड्राइंग रूम को ध्वस्त किया गया।

भवन की पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर प्रत्येक मंजिल में 3-3 दो बीएचके आवासीय यूनिट थीं। कुल 9 दो बीएचके यूनिट को सील किया गया। इसके अलावा भवन के पीछे खुले हिस्से में बनाए गए दो शौचालयों को भी तोड़ दिया गया।मकान नंबर 519 को स्वीकृत अतिथि गृह के रूप में अनुमति मिली हुई थी, लेकिन स्टिल्ट पार्किंग में रिसेप्शन काउंटर, किचन, डाइनिंग हॉल, कार्यालय और स्टोर का निर्माण किया गया था। विभाग ने इन सभी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

इसके बाद मकान नंबर 511 में भी कार्रवाई की गई। यहां दूसरी मंजिल पर अनधिकृत शेड बनाया गया था और भवन में सैनिटरी एवं हार्डवेयर की दुकान संचालित हो रही थी।
विभाग के अनुसार, इस भवन के मालिक ने निर्धारित सेटबैक नहीं छोड़ा और पीछे स्थित प्लॉट नंबर 529 की बेसमेंट को भी जोड़कर इस्तेमाल किया जा रहा था।प्लॉट नंबर 529 की बेसमेंट में टाइल और पत्थर से जुड़ा काम किया जा रहा था, जिसे विभाग ने सील कर दिया। वहीं मकान नंबर 511 में संचालित दुकान को भी पूरी तरह सील किया गया।

मकान नंबर 379ए में भी बड़ी कार्रवाई हुई। स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए डाइनिंग हॉल, किचन, रिसेप्शन और लाउंज को ध्वस्त किया गया। स्टिल्ट में बने चार कमरों को भी तोड़ दिया गया।वहीं पहली से चौथी मंजिल तक प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे थे। विभाग के अनुसार कुल 52 कमरों को सील किया गया।

इसके अलावा मकान नंबर 283ए और 282ए को आपस में जोड़कर अतिथि गृह के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। दोनों भवनों में मौजूद कुल 36 कमरों को सील कर दिया गया।
साउथ सिटी-1 में भी चला विभाग का अभियान
अब बात करते हैं साउथ सिटी-1 की, जहां रिहायशी भवनों में पीजी, गेस्ट हाउस और होटल जैसी व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

मकान नंबर बी-2 में 20 कमरों वाला होटल संचालित किया जा रहा था। विभाग ने पूरे भवन को सील कर दिया।मकान नंबर बी-79 में स्टिल्ट सहित चार मंजिलों और छत पर पीजी व गेस्ट हाउस के रूप में कुल 32 कमरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग ने सभी कमरों को सील कर दिया।

इसी तरह मकान नंबर बी-80 में स्टिल्ट सहित चार मंजिलों पर पीजी और गेस्ट हाउस के रूप में 39 कमरों का इस्तेमाल हो रहा था। यहां भी सभी कमरों को सील कर दिया गया।
मकान नंबर बी-11 में 27 कमरों वाला गेस्ट हाउस संचालित किया जा रहा था। सभी कमरों को सील किया गया, जबकि स्टिल्ट फ्लोर पर बनाए गए अनधिकृत कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया।
मकान नंबर बी-23 में तीन अनधिकृत घरेलू सहायक कमरे और शौचालय बनाए गए थे। इसके अलावा दो लीजर रूम और होम थिएटर का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। इन अनधिकृत हिस्सों को सील किया गया। वहीं अनधिकृत गार्ड रूम को ध्वस्त कर दिया गया।
वहीं मकान नंबर बी-21 में अनधिकृत रूप से बढ़ाए गए लॉबी एक्सटेंशन को ध्वस्त किया गया, जबकि अनधिकृत घरेलू सहायक कमरों को सील कर दिया गया।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के मुताबिक, मंगलवार को सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में करीब 14 भवनों पर कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद बुधवार को अभियान के दूसरे दिन 13 और भवनों पर सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई।यानी दो दिनों में करीब 27 भवन विभाग की कार्रवाई की जद में आ चुके हैं।
विभाग का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों के रिहायशी भवनों में स्वीकृत भवन योजना और निर्धारित उपयोग के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
खास तौर पर रिहायशी मकानों में बिना अनुमति पीजी, गेस्ट हाउस, होटल या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर विभाग की नजर है।डीटीपीई अमित मधोलिया ने साफ कहा है कि सर्वे में सामने आए अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत व्यावसायिक उपयोग के आधार पर सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।यानी गुरुग्राम की लाइसेंस कॉलोनियों में रिहायशी मकानों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों के लिए आने वाले दिनों में भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।




