Gurugram- गुरुग्राम में एचएसवीपी के प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने ‘विवादों से समाधान योजना 2026’ का लाभ उठाने की अपील की है। एचएसवीपी गुरुग्राम की प्रशासक वैशाली सिंह ने पात्र प्लॉट धारकों से कहा है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और प्लॉट एन्हांसमेंट से जुड़े अपने लंबित विवादों का समाधान करवाएं।

इस योजना के तहत 53 सेक्टरों के करीब 421 पात्र लाभार्थियों को 494.49 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण छूट दिए जाने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।प्रशासक वैशाली सिंह ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्लॉट एन्हांसमेंट से जुड़े विवादों का सरल, त्वरित और निष्पक्ष तरीके से एकमुश्त समाधान करना है। ऐसे प्लॉट धारक भी इस योजना से लाभ उठा सकते हैं, जो पहले लागू की गई योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए थे।

किन प्लॉट धारकों को मिलेगा लाभ?

एचएसवीपी के मुताबिक, योजना के तहत निर्धारित श्रेणियों में आने वाले पात्र आवंटी इसका लाभ ले सकते हैं। इनमें आवासीय प्लॉट, फ्लोर-वाइज पंजीकरण वाले प्लॉट, ग्रुप हाउसिंग साइट्स, संस्थागत प्लॉट और औद्योगिक प्लॉट शामिल हैं।पात्र प्लॉट धारक अपने प्लॉट आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके एचएसवीपी के पोर्टल पर जाकर अपने मामले से जुड़ी जानकारी और निर्धारित छूट राशि देख सकते हैं।

योजना से संबंधित ऑनलाइन पोर्टल vsss.hsvphry.org.in पर उपलब्ध है। इसके अलावा किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए आवंटी अपने संबंधित एचएसवीपी एस्टेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या पोर्टल के माध्यम से अपना अनुरोध दर्ज करवा सकते हैं।

समय पर योजना का लाभ लेना जरूरी

वैशाली सिंह ने पात्र आवंटियों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख 31 दिसंबर का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई डिफॉल्टर आवंटी निर्धारित अवधि के भीतर योजना का लाभ नहीं उठाता है, तो लागू नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार संबंधित प्लॉट के पुनः अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

एचएसवीपी प्रशासक ने कहा कि ‘विवादों से समाधान योजना 2026’ पात्र प्लॉट धारकों के लिए लंबित मामलों को निपटाने और प्लॉट एन्हांसमेंट से जुड़े विवादों से राहत पाने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए सभी पात्र आवंटियों को समय रहते योजना का लाभ उठाकर उपलब्ध वित्तीय राहत का अधिकतम फायदा उठाना चाहिए।