गुरुग्राम के न्यायिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने 'टावर ऑफ जस्टिस'का लोकार्पण किया
Gurugram- गुरुग्राम के न्यायिक इतिहास में रविवार को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने अत्याधुनिक 'टावर ऑफ जस्टिस' का लोकार्पण कर इसे गुरुग्राम की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल,अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायाधीश उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा और गुरुग्राम के लिए ऐतिहासिक एवं गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों को बेहतर और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में यह टावर ऑफ जस्टिस महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने भवन निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों का सम्मान भी किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ 'ईज ऑफ जस्टिस' भी उतना ही आवश्यक है।
वही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गुरुग्राम बार एसोसिएशन की मांग को स्वीकार करते हुए वकीलों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए चैंबर्स बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस की तर्ज पर अधिवक्ताओं के लिए भी आधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उन्होंने जनवरी 2017 में इस परियोजना का भूमि पूजन किया था और आज इसका लोकार्पण होना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि न्यायिक आधारभूत संरचना में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।उन्होंने कहा कि देश की फॉर्च्यून-500 कंपनियों में से अधिकांश के कॉर्पोरेट कार्यालय गुरुग्राम में स्थित हैं। तेजी से बढ़ती व्यावसायिक और कॉर्पोरेट गतिविधियों के कारण यहां न्यायिक मामलों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में न्यायिक आधारभूत संरचना का विस्तार बेहद आवश्यक था।
मुख्य न्यायाधीश ने उम्मीद जताई कि गुरुग्राम बार एसोसिएशन के सहयोग से लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा। इस अवसर पर उन्होंने नूंह जिले के तावडू और पुन्हाना में नए न्यायिक परिसरों की आधारशिला भी रखी और क्षेत्र के लोगों को बधाई दी।